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समर्थन मूल्य पर चना खरीदी में अनियमितता की हो जांच

3 वर्ष पहले
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समर्थन मूल्य पर चना खरीदी में अनियमितता को लेकर किसान कांग्रेस ने सोमवार को एसडीएम वीपी यादव को ज्ञापन सौंपा। किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री राजकृष्ण आंजने के नेतृत्व में किसानों ने बताया है समर्थन मूल्य पर चना खरीदी के लिए अधिक मात्रा में एसएमएस कर बुलाया जा रहा है। इससे उत्कृष्ट स्कूल परिसर में 4 से 6 दिनों तक किसानों को भीषण गर्मी में रुकना पड़ रहा है। किसानों की सुविधा के लिए टेंट और पेयजल की उचित व्यवस्था करना जरूरी है। पेयजल के लिए किसानों को एक किमी दूर तक जाना पड़ रहा है।

उपार्जन केंद्रों पर अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। मैदान पर बिजली की व्यवस्था नहीं होने से किसानों का माल सुरक्षित नहीं है। साथ ही व्यापारियों और समितियों की मिलीभगत से व्यापारियों का चना तौला जा रहा है। इसके लिए व्यापारियों के माल और स्टॉक की जांच होना चाहिए। वहीं व्यापारियों द्वारा प्रदेश के बाहर से चना का आयात कर समितियों में तौला जा रहा है। इस कारण किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। समर्थन मूल्य पर चना खरीदी की पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग की। ज्ञापन सौंपते समय रवि विश्नोई, आकाश चंद्रवंशी, विष्णु मोरी, नितिन पारे, नर्मदाप्रसाद विश्नोई, नरेंद्र आठनेरे, राधेश्याम, शशिकांत समेत अन्य मौजूद रहे।

खिरकिया। एसडीएम को समस्या बताते किसान कांग्रेस के सदस्य।

पंजीयन के बाद भी नहीं मिले मैसेज, अब समर्थन मूल्य खरीदी हो गई बंद, किसान कहां तुलवाएंगे गेहूं

सोडलपुर| समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों ने पंजीयन कराया, लेकिन क्षेत्र के किसानों को अब तक समर्थन मूल्य पर खरीदी के मैसेज नहीं आए। इससे किसान परेशान हैं। उनका कहना है सोमवार से तो समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं की खरीदी बंद हो गई। ऐसे में अब हम अपनी उपज बेचने के लिए कहां जाएं।

मालूम हो कि समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 20 मार्च से 20 मई तक चली। क्षेत्र के किसानों का समर्थन मूल्य पर गेहूं जिला सहकारी समिति सोडलपुर ने खरीदा है। किसान प्रदीप परसराम सोलंकी ने बताया 4.30 एकड़ का पंजीयन कराया। वहीं किसान संतोष रामचरण भाटी ने 3 एकड़ का पंजीयन कराया, लेकिन आज तक किसानों को मैसेज नहीं भेजे गए। कई बार किसानों ने समिति में चल रही खरीदी केंद्र पर पहुंचकर समस्या बताई। इसके बाद भी मैसेज नहीं भेजा। इसी का परिणाम है कि समर्थन मूल्य पर खरीदी ही बंद हो गई लेकिन किसानों की उपज नहीं बिक पाई। समिति प्रबंधक की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

भोपाल से मैसेज भेजे थे

सभी किसानों को भोपाल से मैसेज छोड़े गए थे। जाे किसान उपज लेकर आए, उन सभी से खरीदी की है। मनोज नायर, समिति प्रबंधक, सोडलपुर

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