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चना बेचने आए किसानों का 4 दिन बाद भी नहीं लगा नंबर, गर्मी में हो रहे परेशान

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता| खिरकिया/कांकरिया

क्षेत्र के किसान मंडी प्रबंधन के ढीले रवैए और लापरवाही के कारण परेशान हो रहे हैं। समिति से एसएमएस मिलने के बाद चना लाने पर 4-4 दिन तक मंडी में तुलाई नहीं हो पा रही है। वहीं किसानों की यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

ऐसे में सबसे ज्यादा नुकसान उन किसानों को हो रहा है जो किराए पर ट्रैक्टर-ट्रॉली ला रहे हैं, लेकिन मंडी सचिव और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी किसानों की इस समस्या से मुंह मोड़े बैठे हैं। इससे 2 हजार रुपए रोज किसानों को भाड़ा देना पड़ रहा है। किसानों ने बताया मंडी से जिस तारीख का एसएमएस भेजा जा रहा है, उसी तारीख को किसान माल लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां उन्हें भीषण गर्मी में परेशानी से जूझना पड़ रहा है।

खिरकिया। मंडी में खड़ी ट्रॉलियां।

4 दिन से मिडिल स्कूल में पड़े हैं

समर्थन मूल्य पर चना बेचने आए मुहाल सोसाइटी मक्तापुर के किसान पंढरीनाथ का कहना है 4 दिन से खिरकिया मिडिल स्कूल ग्राउंड में इंतजार कर रहा हूं, लेकिन रविवार शाम तक भी चने की तुलाई नहीं हो पाई। वहीं हरपालिया के इंदू पटेल की ट्रॉली भी बुधवार शाम से ही स्कूल परिसर में खड़ी है। मक्तापुर के बालमुकुंद की भी यही स्थिति है। बुधवार-गुरुवार के बीच आई 60 ट्रॉली की तुलाई हुई ही नहीं।

किसानों को चना पैदा करने से ज्यादा परेशानी बेचने में

परेशान किसानों का कहना है हमें चना पैदा करने में जितनी परेशानी नहीं आई, उससे ज्यादा बेचने में आ रही है। जबकि दूसरी सोसाइटियों में 2 दिन ही लग पा रहे हैं। किसानों ने कलेक्टर से नियमानुसार खरीदी कार्य करने और कांटे बढ़ाकर तेजी लाने की मांग की, ताकि किसानों को 4-4 दिनों तक फसल बेचने इंतजार नहीं करना पड़े।

पानी व छांव की व्यवस्था नहीं

खरीदी कर रही सोसाइटी को जिला सहकारी बैंक की ओर से किसानों को पानी पिलाने और छाया में बैठाने के लिए टेंट की व्यवस्था करने के लिए अलग से राशि दी जाती है। इस बार भी पैसा दिया गया, लेकिन किसान पीने के पानी के लिए भटकते रहते हैं। जिला सहकारी बैंक के अफसर और प्रशासनिक अफसरों को भी सोसाइटी व मंडी के लोग गुमराह कर देते हैं। ऐसे में न तो अफसर यहां जांच करने पहुंच रहे हैं और न ही व्यवस्थाओं में सुधार आ रहा है।

ज्यादा तुलाई नहीं हो पाने समस्या आ रही है

चना की 80-90 ट्रॉली प्रतिदिन मंडी में आ रही है। ऐसे में ज्यादा तुलाई नहीं करा पा रहे। जिन किसानों को एसएमएस नहीं पहुंचा, वह भी माल ले आते हैं। शर्मिला निनामा, मंडी सचिव, खिरकिया

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