ऑनलाइन स्टाम्प के नाम पर एक ही स्टाम्प के दो बार लेते हैं पैसे
ज्यादा पैसे देकर स्टाम्प दिखाते ग्रामीण।
100 का स्टाम्प बेचा जा रहा है 200 रुपए में
नगर के स्टाम्प वेंडरों द्वारा ऑनलाइन स्टाम्प प्रिंट कर दिए जाने वाले स्टाम्प को बेचने के एवज में 100 रुपए के स्टाम्प को 200 रुपए में बेचा जा रहा है और कारण बताया जाता है कि पहले जो स्टॉम्प निकाला गया था वह केंसिल हो गया है और अब तुम्हे फिर से 100 रुपए देकर नया स्टाम्प निकलवाना पड़ेगा। जो स्टाम्प रद्द हो गया। उसका भुगतान दुकानदार वापिस नहीं करता है और उपभोक्ता का 100 रुपए के स्टाम्प के लिए 200 रुपए दुकानदार को देना पड़ते हैं। तब कहीं जाकर उसे 100 रुपए का स्टाम्प मिल पाता है और जो दुकानदार प्रिंटेड स्टाम्प बेचता हैं वह खुले आम ही 100 रुपए का स्टाम्प 150 रुपए के हिसाब से ही बेच रहे हैं।
लाइसेंस किसी के नाम का विक्रेता कोई और
उपभोक्ताओं के द्वारा इसकी कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद भी कार्रवाई नहीं करते है। यहां पर जिन लोगों के द्वारा स्टाम्प बिक्री के लिए दुकान खोले बैठे हुए हैं, उनके पास स्वयं का लाइसेंस भी नहीं है। किसी दूसरे का लाइसेंस लेकर उसके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर स्टाम्प की बिक्री कर रहे है। जिसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
अवैध वसूली बंद किए जाने की मांग की
नगर में बे खौफ तरीके से दुगनी रेट में बेचे जा रहे स्टाम्पों को निर्धारित रेट में बेचे जाने व दुगनी मूल्य पर बेचकर की जा रही आमजन से अवैध वसूली की रोक थाम को रोकने के लिए नागरिकों ने तहसीलदार सहित जिले के वरिष्ठ पदाधिकारियों से स्टाम्प वेंडरों पर कार्रवाई कर निर्धारित मूल्य से अधिक रेट पर स्टाम्प बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामला संज्ञान में आया है कार्रवाई की जाएगी
आपके द्वारा मामला मेरे संज्ञान में आया है, मैं सभी विक्रेताओं के लाइसेंस संबंधी दस्तावेज जांच करुंगा और स्टाम्प पर अंकित कीमत से अधिक में जो भी विक्रेता स्टाम्प बेच रहा है उस पर कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी को भी अधिक कीमत में स्टाम्प बेचे जा रहे हैं तो मुझे बताएं। कैलाश मालवीय, प्रभारी तहसीलदार खनियांधाना