प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा सांवलिया सेठ मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय राजयोग द्वारा शांति की अनुभूति शिविर का गुरुवार रात समापन हुआ। शिविर के अंतिम दिन लक्ष्मी-नारायण, राधे-कृष्ण की झांकी सजाई गई। जिनकी मौजूद लोगों ने पूजा आरती की। शिविर का उद्घाटन सुरेश गुप्ता, भंवरलाल दाख, छगनलाल निम्बार्क, ब्रजकिशोर गुप्ता, धनपत साहू, परमानन्द जुलानिया, ब्रह्माकुमारी मधु दीदी, भाग्य लक्ष्मी दीदी ने दीप जलाकर किया। स्वागत नृत्य वर्षा ने पेश किया। शिविर संचालिका भाग्यलक्ष्मी दीदी ने कर्मों की गहन गति के बारे में बताते हुए कहा कि जैसा कर्म हम करेंगे, वैसे ही हमारा संस्कार बनेंगे और वैसा ही हमारा अगला जन्म होगा। हम जो और जैसा दूसरों को देंगे हमें, उतना और वैसा ही दूसरों से मिलेगा। यदि हम सब के प्रति शुभ भावना अपने मन में रखते हैं, तो हमेशा शांत और सुखी रह सकते हैं। उन्होंने बताया की परमात्मा धरा पर आकर श्रेष्ठ कर्म करना सिखाते है, जिससे हम श्रेष्ठ देवी-देवता बन जाते हैं। इस मौके पर ब्रह्माकुमारी मधु दीदी ने सभी अतिथियों को ईश्वरीय सौगात भेंट कर सम्मानित किया। पांच दिवसीय आयोजन में नगर सहित आसपास क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर अध्यात्म लाभ लिया।
धर्म
सांवलिया सेठ मंदिर में ब्रह्माकुमारी आश्रम द्वारा आयोजित राजयोग शिविर का समापन
शिविर में देव स्वरूप लक्ष्मी-नारायण और राधा-कृष्ण की आरती करते श्रद्धालु।