हार-जीत को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म, अधिक चर्चा उपाध्यक्ष पद की
नगर पंचायत चुनाव संपन्न होने के साथ ही हार जीत को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। हर तरफ लोग हार-जीत को लेकर चर्चा करते देखे जा रहे है। सबसे अधिक चर्चा उपाध्यक्ष पद को लेकर हो रही है। उपाध्यक्ष पद में भाजपा व कांग्रेस के बीच टक्कर है। दोनों दल जीत के दावे कर रहे हैं। हालांकि चर्चा यह भी है कि लोग पार्टी लाइन से हटकर वोट दिया है। जहां भाजपा को अपने परंपरागत वोट पर भरोसा है, वहीं कांग्रेस पार्टी को ईसाई, मुस्लिम व सदान वर्ग पर भरोसा है, जो समीकरण उभर कर सामने आ रही है उसमें अध्यक्ष पद में भाजपा के अर्जुन पाहन की जीत तय मानी जा रही है। वहीं, उपाध्यक्ष पद के छह उम्मीदवारों में कांग्रेस के सुरेंद्र कुमार मिश्रा की पलड़ा भारी पड़ता दिख रहा है। हालांकि भाजपा का कहना है कि ऐसी नहीं है। बहरहाल इस हार जीत को लेकर शहर में सट्टा का बाजार भी गर्म है। वहीं, वार्ड में भी नए चेहरों को मौका मिलता दिख रहा है। 15538 वोटरों ने मतदान किया है, जो गत नगर पंचायत चुनाव से तीन प्रतिशत कम है। 20 अप्रैल को मतगणना है। इसमें अभी तीन दिन शेष है। तब तक लोग हार जीत के समीकरण पर चर्चा करते ही रहेंगे।
भाजपा, झामुमो, आजसू और कांग्रेस ने किए जीत के दावे
अध्यक्ष उपाध्यक्ष के प्रमुख प्रत्याशियों ने जीत के दावे किए हैं। भाजपा के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अर्जुन पाहन ने कहा कि उसका किसी से मुकाबला नहीं है। इसी तरह झामुमो के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार तुलसी तोपनो ने सात से आठ हजार वोट का दावा किया है। भाजपा के उपाध्यक्ष पद की उम्मीदवार राखी कश्यप ने भी जीत का दावा किया है। कांग्रेस के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार सुरेंद्र कुमार मिश्रा ने भी जीत का दावा करते हुए कहा कि उन्हें हर वर्ग के लोगों का समर्थन मिला है। उपाध्यक्ष पद की निर्दलीय उम्मीदवार प्रमिला भगत ने भी जीत का दावा किया है। इसी तरह आजसू के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार दिनेश कुमार महतो भी अपनी के प्रति पूरी तरह आश्वस्त है। मंगलवार देर शाम सभी ईवीएम को बिरसा कॉलेज के स्ट्रांग रूम में प्रत्याशियों की उपस्थित में सील कर दिया गया है। ईवीएम की सुरक्षा में जैप व जगुवार के जवानों को लगाया गया। 24 घंटा ईवीएम की सुरक्षा में पुलिस बल तैनात है। बिरसा कॉलेज में ही 20 अप्रैल को मतों की गिनती होगी। 12 बजे तक परिणाम आ जाएंगे।