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उलिहातू के ग्रामीणों ने आवास मांगा, कहा-छोटे में गुजारा नहीं

3 वर्ष पहले
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शहीद ग्राम विकास योजना के तहत अड़की के उलिहातू के हर परिवार का पक्का मकान बनने पर फिर से अड़ंगा लग गया है। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सरकार जिस एस्टीमेट में घर बनवाना चाहती है, वह काफी कम है। इतने छोटे घर में ग्रामीणों का गुजारा नहीं होगा। उलिहातू में ग्रामप्रधान निर्मल मुंडा की अध्यक्षता में बैठक हुई। अड़की प्रखंड प्रमुख सीता देवी की उपस्थिति में आयोजित बैठक में मकान पर चर्चा करते हुए पक्के मकान योजना का विरोध किया गया। अड़की प्रखंड प्रमुख सीता नाग ने भी ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को ग्रामीणों की मांग मान लेना चाहिए।

ग्रामीणों का कहना है कि इस योजना के अंतर्गत सरकार हमलोगों को जबरदस्ती 8 गुणा 9 साइज का मकान मात्र 2लाख 63 हजार में थोपना चाहती है। जबकि इतने कम स्पेस में हमलोगों का गुजारा नहीं हो सकता है। हमलोगों को 12 गुणा 15 साइज का चार कमरे की आवकता है। इतनी कम राशि में यह संभव नहीं है। इसलिए हमलोग इस योजना को नहीं लेना चाहते हैं। वहीं, बिरसा मुंडा के वंशज सुखराम मुंडा ने कहा कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस गांव के पर परिवार को घर बनाने के लिए 8.10 लाख देने का वादा किया था। यहां पर कुल 136 परिवारों को इस योजना के तहत लाभ मिलना है। इसके बाद भी राज्य सरकार हमलोगों को मात्र 2.63 लाख रुपए आवास निर्माण के लिए दे रही है। यदि सरकार आवास देना चाहती है तो 12 गुणा 15 साइज का चार कमरे का आवास दे, अन्यथा योजना अपने पास रखे। पंचायत सचिव सुमन पूर्ति ने कहा कि सरकार शहीदों के ग्राम विकास का झूठा दिखावा करती है।

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