आंगनबाड़ी सेविकाओं-सहायिकाओं ने दिया धरना
जिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से मंगलवार को जिले के आंगनबाड़ी सेविकाओं व सहायिकाओं ने अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त कार्यालय के समीप धरना दिया। धरना कार्यक्रम का नेतृत्व मोर्चा के जिलाध्यक्ष सोमा कैथा ने किया।
उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान 23 जनवरी 2018 को सरकार के साथ 11 सूत्री मांगों को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन चार महीने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार 60 वर्ष की उम्र सीमा के आदेश पत्र को सरकार अविलंब निरस्त करे। धरने के बाद मुख्यमंत्री के नाम नौ सूत्री मांग पत्र डीसी सूरज कुमार को सौंपा गया। मांग पत्र में झारखंड में भी छत्तीसगढ़, केरल, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और गोवा की दर्ज पर आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन करने, सेविकाओं और सहायिकाओं की सेवा नियमावली बनाने, कार्यकाल के दौरान मौत होने पर आश्रितों को दस लाख का मुआवजा और नौकरी देने, पैकेट पोषाहार को बंद करने, बकाए मानदेय का एकमुश्त भुगतान करने, आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने आदि की मांगें शामिल है। मौके पर कार्यकारी जिलाध्यक्ष बिजनी पूर्ति, रंजीता देवी, पुष्पा तिग्गा, सरोजनी हस्सापूर्ति, अलमा टूटी, उलासी मुंडू, कृपा नाग, पंचमी देवी, जयवंती नाग, अंती देवी आदि उपस्थित थी।