समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त सूरज कुमार की अध्यक्षता में खसरा-रूबैला टीकाकरण अभियान के तहत टास्कफोर्स की बैठक हुई। झारखंड में 26 जून 2018 से इस अभियान की शुभारंभ होगी। कार्यक्रम की सफलता को लेकर उपायुक्त ने सिविल सर्जन, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि आदि को इस संबंध में आवश्यक दिशा- निर्देश दिया। इस अभियान के लिए जो रणनीति है, उसका अनुपालन करने को कहा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण एवं औचक निरीक्षण करने का निदेश दिया। उन्होंने सहिया, सेविका एवं जल सहिया को आपस में तालमेल बनाकर कार्य करने को कहा। उपायुक्त ने कहा कि टीकाकरण का वास्तविक डाटा का प्रतिवेदन दें। सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी को अग्रिम क्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम उपायुक्त कार्यालय में भेजने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि वे गांवों में जाएं एवं उनके साथ बैठकर समस्याओं को जानें एवं समस्या का समाधान करें। लोगों को जागरूक करने के लिए वीडियो, फोटोग्राफ के माध्यम से स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी दें। उन्होंने कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर गोद लेने को कहा, साथ ही कहा उनका देखरेख एवं खानपान संबंधी जानकारी दें एवं आवश्यकता पड़ने पर कुपोषण उपचार केंद्र में भर्ती कराएं। स्वास्थ्य सहिया एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं को अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य एवं खानपान संबंधी सुविधाओं की जानकारी दें, उनका डाटा अपडेट रखें। उपायुक्त ने प्रखंड प्रभारियों को प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक ममता वाहन सुनिश्चित करने एवं समयानुसार गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव कराने को कहा। उन्होंने चिकित्सा पदाधिकारियों को कहा कि बिना विशेष कारण के मरीजों को रेफर नहीं करें। साथ ही कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में पानी, बिजली, मशीन आदि मूलभूत सुविधा का अभाव है तो उसके संबंध में जिला प्रशासन को अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि खूंटी को एस्पीरेशनल जिला घोषित किया गया है जिसमें स्वास्थ्य सेवा के 13 इंडिकेटर जो नीति आयोग द्वारा निर्धारित है उसमें सुधार करने को कहा। उन्होंने सिविल सर्जन को सदर अस्पताल के मेडाल लेब को स्पष्टीकरण करने को कहा। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. विनोद उरांव, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे। विदित हो कि भारत सरकार ने खसरा-रूबैला के लिए संयुक्त टीकाकरण आरंभ करने का निर्णय लिया है। खसरा-रूबैला अभियान 9 महीने से 15 वर्ष की उम्र के बीच के सभी बच्चों के लिए है, चाहे उन्हें पहले खसरा-रूबैला टीका दिया गया है या नहीं।
डीसी की अध्यक्षता में खसरा-रूबैला टीकाकरण अभियान को लेकर टास्कफोर्स की बैठक, दिए निर्देश