जिला प्रशासन ने दिखाई तत्परता, एक गरीब मजदूर का शव यूपी से खूंटी मंगाया
तोरपा के चटकपुर गांव के 40 वर्षीय बोयसा बारला की यूपी के आगरा से 30 किमी दूर बरहन रेलवे स्टेशन के समीप ट्रेन से गिरने से मौत हो गई। घटना 12 मई की है। उसी दिन बरहन पुलिस ने उसके घर वालों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही उसका पूरा परिवार सख्ते में आ गए। परिजनों के पास उतने पैसे नहीं थे कि यूपी जाकर बोयसा का शव गांव ला सके। उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा था। इसी बीच परिवार के किसी सदस्य ने खूंटी उपायुक्त सूरज कुमार को सूचना दी और अपनी माली हालत से अवगत कराया। इसके बाद डीसी शव को यूपी से मंगवाने में जुट गए। 13 मई को श्रम अधीक्षक व तोरपा बीडीओ को चटकपुर भेजकर पूरी स्थिति की जानकारी ली। मृतक के मौसा, बहन व चचेरे भाई को खूंटी बुला लिया। इसके बाद उपायुक्त ने एसडीओ प्रणब कुमार पाल के साथ मिलकर अपने कुछ ऑफिसर्स से 27 हजार रुपए चंदा जमाकर परिजनों को एक एंबुलेंस से दो चालक के साथ शव लाने के लिए यूपी के बरहन के लिए रवाना कर दिया।
इस बीच डीसी ने वहां के प्रशासन से बातचीत कर यह जानकारी दी की परिजन वहां के लिए रवाना हो गए। बहरहाल परिजन 15 मई की शाम शव लेकर अपने गांव पहुंच गए। डीसी व एसडीओ की इस संवेदनशीलता की हर कोई प्रशंसा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर उपायुक्त ने शव लाने में मदद नहीं की होती तो परिजन शायद ही शव ला पाते।
तोरपा के हुसिर पंचायत के चटकपुर गांव के बोयसा बारला काम की तलाश में पंजाब जा रहा था। वह 11 मई को प|ी व बच्चों के साथ निकला था। हजारीबाग में उसका ससुराल है। प|ी व बच्चों को यहीं छोड़ कर कोडरमा चला गया। जहां से वह ट्रेन पकड़कर पंजाब के लिए निकल गया। इसी बीच 12 मई की सुबह यूपी के बरहन रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से गिरने से उसकी मौत हो गई। बरहन पुलिस शव को कब्जे में कर उसकी पॉकेट की तलाशी ली तो, कुछ फोन नंबर मिले। इसके आधार पर वहां की पुलिस ने उसके घर चटकपुर में फोन कर घटना की जानकारी दी। जिला प्रशासन के तत्परता दिखाए जाने के बाद बरहन पुलिस ने भी काफी सहयोग किया।