जिला पुलिस ने रविवार को खूंटी प्रखंड के रेमता गांव में सामुदायिक पुलिसिंग का आयोजन किया। इसमें रेमता, इरूद , डंगियादाग व सिलादोन सहित दर्जनों गांवों के ग्राम प्रधान व मुखिया शामिल हुए। मौके पर ग्रामीणों के बीच धोती, साड़ी, मच्छरदानी और विद्यार्थियों के बीच पाठ्य व खेल सामग्री बांटी गई। एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा ने कहा कि पत्थलगड़ी करने वाले कहते हैं कि अब भी भारत ब्रिटिश क्राउन के अधीन है। क्या भगवान बिरसा मुंडा सहित अन्य अमर शहीदों ने इसी लिए अपने प्राणों की आहुति दी कि देश में अब भी अंग्रेजी हुकूमत चले। उन्होंने कहा कि जो लोग बच्चों को शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य, अनाज, आवास आदि से वंचित करने की साजिश कर रहे हैं, वे आदिवासी समाज को मौत के मुंह में ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद मुखिया, पोस्टमास्टर हैं, जिनकी प|ियां सरकारी नौकरी में हैं और खुद सरकार की हर योजना का लाभ ले रहे हैं, वे ही सीधे-सादे ग्रामीणों का इन सुविधाओं को लेने से मना कर रहे हैं। हमें ऐसे तत्वों से सावधान रहना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को कभी पराश्रय न दें और उनका खुलकर विरोध करें।
पूर्व जिला परिषद सदस्य भीम सिंह मुंडा ने कहा कि पत्थलगड़ी करने वाले संविधान की गलत व्याख्या कर समाज में विद्वेष फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि पांचवीं अनुसूची आदिवासियों की जमीन की सुरक्षा देती है, लेकिन इसका मतलब नहीं है कि कोई बाहरी व्यक्ति गांव में घुस नहीं सकता। मुंडा ने कहा कि पत्थलगड़ी करने वाले स्कूल बंद कराने के बदले गांवों में शराबबंदी कराएं, ताकि सबका भला हो। मौके पर एसडीपीओ रणवीर सिंह, प्रोबेशनर डीएसपी वरूण राज, इंस्पेक्टर अमिताभ राय, एसआई केके पंडा, पुटीदाग के ग्राम प्रधान डेवा मुंडा, इरूद के अमृत मुंडा, डंगियादाग के सुरजू सिंह स्वांसी सहित कई ग्राम प्रधान और मुखिया उपस्थित थे।
एसपी ने कहा-पत्थलगड़ी करने वाले खुद सारी सरकारी सुविधाएं ले रहे हैं और आदिवासियों को मना कर रहे, यह साजिश है।
रेमता शिविर में छात्रों के बीच खेल सामाग्री वितरण करते एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा।
राष्ट्रध्वज नहीं फहराने वालों को कड़ी सजा मिले
रेमता के ग्राम प्रधान जयश्री सिंह मुंडा ने कहा कि शिक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं से गरीबों को वंचित करना उनके खिलाफ अन्याय है। ऐसे तत्वों का जमकर विरोध करना जरूरी है। सिलादोन पंचायत के मुखिया जितेंद्र सिंह मानकी ने कहा कि राष्ट्रध्वज नहीं फहराना देशद्रोह है। ऐसा करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस हमारा सच्चा सहयोगी है, जो दिन -रात हमारी सुरक्षा के लिए काम करती है। पुलिस का हम दिल से सम्मान करते हैं।