भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़
हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन को रोकने के लिए शुक्रवार दोपहर को स्पेशल पुलिस की टीम ने दबिश दी। पुलिस के आने से पहले ही खनन माफिया और खननकर्ताओं को भनक लग गई और वो फरार हो गए।
पुलिस की टीम को मौके पर अवैध खनन के सबूत तो मिले लेकिन अवैध खननकर्त्ता हाथ नहीं लगे। चौंकाने वाली बात ये है कि हाउसिंग बोर्ड की पहाड़ियों में धड़ल्ले से अवैध खनन जारी है। हर बार पुलिस कहने को कार्रवाई तो करती है लेकिन उसे असफलता हाथ लगती है। पुलिस और खनन विभाग की टीम के आने से पहले अवैध खननकर्ताओं को सूचना मिल जाती है। हालांकि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्पेशल टीम का गठन किया गया है। अब देखना ये है कि पुलिस को अवैध खनन के खिलाफ कब सफलता मिलती है।
हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में अवैध खनन ने छलनी कर दी पहाड़ी
पुलिस की सूचना मिलते ही खनन माफिया गिरोह के सदस्य फरार हो गए।
अवैध खनन के खिलाफ स्पेशल टीम का गठन, कब तक बचेंगे खननकर्त्ता
हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र की पहाड़ियों में लगातार अवैध खनन की मिल रही शिकायतों के बाद स्थानीय पुलिस की विशेष टीम का गठन किया गया है। ये टीम अब अवैध खनन के खिलाफ ही कार्रवाई करेगी। सादा वर्दी में पुलिसकर्मी अवैध खनन की गतिविधियों को देखेंगे। सबसे खास बात ये है कि इस टीम में कितने मेंबर्स है और इसमें किसको शामिल किया गया है ये पूरी तरह गुप्त रखा गया है। सूत्राें के अनुसार विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों को इस टीम में शामिल किया गया है। ताकि मिलीभगत की कोई संभावना बची ना रह जाए।
ब्लास्टिंग के लिए अवैध रूप से मंगवाया जाता है बारूद
अवैध खनन करने वाले रोजाना बारूद और विस्फाेटक का उपयोग कर अवैध रूप से ब्लास्टिंग कर रहे हैं। खनन माफियाओं के पास भारी मात्रा में बारूद है। ये बारूद की खरीद भी अवैध रूप से की जाती है। एक बार धमाके के साथ पहाड़ का काफी क्षेत्र टूटकर गिर जाता है। अवैध खननकर्ता सुरक्षा के किसी भी मापदंडों को पूरा नहीं कर रहे। ना ही सुरक्षा के कोई साधन है। किसी दिन बड़ा हादसा कईं जिंदगी लील सकता है।
खनन विभाग के आने से पहले ही मिल जाती है सूचना
अवैध खनन करने वालों का नेटवर्क इतना जबरदस्त है कि खनन विभाग या प्रशासनिक टीम के आने की सूचना खनन माफियाओं को पहले ही मिल जाती है। इससे चौकन्ने होकर खनन माफिया भूमिगत हो जाते हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि खनन माफिया रॉयल्टी भी काट रहे हैं। रॉयल्टी काटने वाले ठेकेदारों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। इनकी पुलिस से भी मिलीभगत रहती है। उल्लेखनीय है कि भास्कर उपखंड के अरांई, बोराड़ा सहित अन्य इलाकों में होने वाले अवैध खनन के मामले भी समय-समय पर प्रकाशित करता रहा है। लेकिन कार्रवाई नहीं होने से अवैध खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। इधर खनन के लिए ब्लास्टिंग की जाती है जिससे जान को खतरा बना रहता है। भय के मारे लोग मवेशी चराने के लिए भी पहाड़ी क्षेत्र में जाने से कतराने लगे हैं।