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लाइसेंस के लिए अब ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक पर देना होगा ट्रायल

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़

डीटीओ ऑफिस में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों को ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक पर टेस्ट देना होगा। इस दौरान ड्राइवरों पर कम्प्यूटर और कैमरों से नजर रहेगी। प्रदेश में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए परिवहन विभाग ने अब लाइसेंस ड्राइविंग प्रक्रिया को और ज्यादा सख्त और ऑनलाइन बनाने की कवायद शुरू की है।

वाहन चालकों को यातायात नियमों की पूरी जानकारी हो और उसे ठीक से वाहन चलाना आए इसके बाद ही लाइसेंस जारी करने के लिए अब ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक बनवाए जा रहे हैं। किशनगढ़ में भी दुपहिया व चार पहिया वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले अभ्यर्थियों के ट्रायल के लिए ऐसे ट्रैक बनाए जाएंगे। गत माह पूर्व उच्चाधिकारियों की सर्वे टीम भी निरीक्षण कर जा चुकी है। अगले तीन माह में ये आटोमैटिक ट्रैक का कार्य शुरू हो जाएगा। ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक पर मॉनिटरिंग के लिए 10 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पूरे ट्रैक पर सेंसर भी लगे होंगे जो स्पीड ब्रेकर, स्लोप, लाल बत्ती पर वाहन चालक के नियमों की पालना की निगरानी रखेगा। लाइसेंस के लिए पूरी ट्रायल प्रक्रिया का वीडियो बनाया जाएगा जो ऑनलाइन होगा।

ड्राइवर को दिखाएंगे वीडियो रिकार्डिंग ताकि उसे बताया जा सके कि उसमें कौनसी गलती की

10 एचडी सीसीटीवी कैमरों से युक्त इस ट्रैक पर चालक की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। वहीं प्रत्येक गलती का अंक भी काटा जाएगा। इतना ही नहीं यदि वह इसमें पास या फेल हो जाता है तो इसके लिए उसे वीडियो रिकाॅर्डिंग दिखाने के साथ उसकी सीडी भी सौंपी जाएगी। इससे उसे यह पता चलेगा कि उसने कहां पर कौनसी गलती की।

दुपहिया व चार पहिया वाहन चालकों के लिए अलग-अलग बनेंगे ट्रैक, देना होगा ट्रायल

इस ड्राइविंग टेस्ट से दुपहिया और चारपहिया दोनों वाहन चालकों को गुजरना होगा। इन दोनों के लिए अलग-अलग ट्रैक बनाए गए हैं। ट्रैक के पास कंट्रोल रूम होगा। जो ट्रैक पर परीक्षा दे रहे वाहन चालक पर नजर रखेगा। इतना ही नहीं यह पूरी तरह से ऑनलाइन भी होगा। यानि एक क्लिक पर वाहन चालक की सारी गलतियां भी पता चल जाएगी।

वर्तमान में रीजनल हेडक्वार्टर पर चल रहा है काम, इसके बाद डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर पर शुरू होगा

डीटीओ देवेंद्र आकोदिया ने बताया कि वर्तमान में पूरे प्रदेश में रीजनल हेडक्वार्टर पर ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट का काम चल रहा है। हाल ही में ग्यारह रीजनल हेडक्वार्टर की लिस्ट निकली है। इसके बाद डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर का नंबर आएगा। इसमें किशनगढ़ भी शामिल है। पूरा अलग से ड्राइविंग ट्रैक बनेगा। इसके लिए एजेंसी को निर्माण का टेंडर दिया जाता है।

खत्म होगा दलालों का नेटवर्क

ट्रायल ट्रैक पर टेस्ट के दौरान एक भी गलती की तो नहीं बन सकेगा ड्राइविंग लाइसेंस, चालक की निगरानी के लिए कैमरे और नियमों की पालना जांचने के लिए स्पीड ब्रेकर से लेकर जेबरा लाइन तक पर सेंसर, इस ट्रैक पर यदि चालक सही तरीके से वाहन चलाता है और यातायात नियमों की जानकारी रखने में पास हो जाता है तो ही उसे लाइसेंस जारी किया जाएगा। ट्रैक पर एचडी क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। लाइसेंस अभ्यर्थी को यातायात नियमों की कितनी जानकारी है और वह उनकी कितनी पालना करता है इसकी जांच के लिए ट्रैक पर स्पीड ब्रेकर, स्लोप, जेबरा लाइन, ट्रैफिक लाइट भी होंगी।

ऑनलाइन लाइसेंस बनाने का काम शुरू

जिला परिवहन कार्यालय किशनगढ़ में ऑनलाइन सर्वर का काम पूरा हो चुका है। 17 मई से ऑनलाइन लाइसेंस बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया। अब घर बैठे लर्निंग से लेकर परमानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है। इससे दलालों से मुक्ति मिलेगी। इस व्यवस्था से आवेदक को राहत मिलेगी। कम्प्यूटर निश्चित समय बताएगा उस वक्त परीक्षा देने आवेदक को पहुंचना होगा।

सबकुछ ठीक रहा तो ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। प्रदेश के सभी परिवहन कार्यालय में ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक बनाए जा रहे है। पूर्व में भी टीमें निरीक्षण कर जा चुका है। इसमें एचडी कैमरे व सेंसर के माध्यम से वाहन चालक का परीक्षण किया जाएगा। नियमों की जागरूकता और ड्राइविंग स्किल सुधरने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। देवेंद्र अाकोदिया, डीटीओ, किशनगढ़

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