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ज्येष्ठ अधिमास व रमजान एक साथ, महीने भर होंगे धार्मिक कार्यक्रम

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़

ज्येष्ठ अधिमास पुरुषोत्तम माह बुधवार से शुरु हो रहा है तो मुस्लिम वतावलंबियों का प्रमुख पवित्र मास रमजान चंद दिखा तो कल से शुरु हो जाएगा। मई माह में दोनों पवित्र माह एक साथ आने से धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। इस साल पुरुषोत्तम माह की पूजा और रमजान के रोजे एक साथ होंगे। मई में दो धर्म के प्रमुख त्योहार एक साथ आ रहे हैं। 3 साल बाद हिंदुओं का अधिक मास आ रहा है तो मुस्लिमों का पवित्र रमजान माह गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 11 दिन पहले शुरू हो जाएगा। पूजा व इबादत के इस संयोग में दोनों धर्म के लोग एक साथ धर्म पर्व मनाएंगे।

अधिक मास में मंदिरों-आश्रमों में लोग पूजा-पाठ, जप-अनुष्ठान और कथा-प्रवचन करेंगे तो रमजान में मस्जिदों में नमाज व इबादत के साथ रोजे रखकर दुआ मांगने का दौर चलेगा। शहर काजी मोहम्मद जहुर ने बताया कि चांद दिखा तो पहला रोजा गुरुवार को होगा। अधिकमास जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं, की अवधि 16 मई से 13 जून तक रहेगी। दूसरी ओर रमजान का आगाज चांद दिखा तो 17 मई गुरुवार अन्यथा 18 मई शुक्रवार से हो सकता है। पिछले साल के मुकाबले इस बार रमजान की शुरुआत करीब 11 दिन पहले हो रही है। एक ओर जहां पुरुषोत्तम मास को भागवत कथाएं, प्रवचन समेत कई अन्य धार्मिक आयोजन व पवित्र नदियों में स्नान-दान के लिए विशेष शुभ माना जाता है। वहीं इस्लाम में रमजान माह के दिन इबादत के लिए सबसे अधिक श्रेष्ठ माने जाते हैं।

36 साल बाद फिर गर्मी में रखेंगे रमजान के रोजे

तेज गर्मी के दौरान रोजे रहेंगे। यह संयोग 36 साल बाद बन रहा है। इससे पहले वर्ष 1982 के मई में पूरा रमजान माह बीता था। मई माह माह की तेज गर्मी में जब तापमान 44 डिग्री से अधिक है और हीटवेव का असर भी है, ऐसे में रखे जाएंगे रमजान माह के रोजे। शहर काजी ने बताया कि सुबह 4.30 बजे सेहरी अौर शाम 7 बजे इफ्तारी का वक्त तय किया गया है। जहां भीषण गर्मी के दौर में डॉक्टर घर से भूखे पेट कुछ खाए पीए नहीं निकलने के सलाह देते हैं, वहीं इस बार सुबह सेहरी के बाद शाम को इफ्तारी तक बिना कुछ खाए पीए रह कर श्रद्धालु खुदा की इबादत करेंगे। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक 16 मई को चांद दिखा तो रोजे 17 मई से शुरू हो जाएंगे अन्यथा 18 मई से। शहर काजी ने बताया कि अगर रमजान कल से शुरू होता है तो पहला रोजा ही 15 घंटे का रहेगा। दिन बढ़ने के साथ सहरी से इफ्तार के बीच का समय भी बढ़ेगा। मुस्लिम समाज के नसरुद्दीन देशवाली ने बताया कि अभी शाबान का महीना चल रहा है। इसके खत्म होने के बाद रमजान माह शुरू होगा। चांद नजर आने के साथ ही तरावीह की नमाज शुरू हो जाएगी। अगले दिन रोजा रखा जाएगा।

मंदिरो में होंगे धार्मिक कार्यक्रम

अधिमास के शुरु होते ही बुधवार से विभिन्न मंदिरो में धार्मिक कार्यक्रमो का आयोजन किया जाएगा। लक्ष्मीनगर स्थित हठीले हनुमान मंदिर परिसर पर पुरुषोत्तम माह में प्रतिदिन अलग अलग धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंदिर के पंडित पवन कुमार जोशी ने बताया कि इस दौरान पुरुषोत्तम मास का महत्व क्या से श्रद्धालुओं को अवगत कराया जाएगा। किस प्रकार अपने दैनिक कार्य करें की सीख दी जाएगी। कृष्णापुरी स्थित बाबा रामदेव मंदिर, काचरिया पीठ, श्रीराम मंदिर, सहित अनेक मंदिरो में धार्मिक कार्यक्रमो का आयोजन किया जाएगा।

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