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पार्सल के लिए ड्राइवर-कंडक्टर भिड़े

3 वर्ष पहले
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बभास्कर न्यूज|मदनगंज-किशनगढ़

जयपुर-भीलवाड़ा चलने वाली रोडवेज बस के चालक और खलासी पार्सल के 150 रुपए को लेकर आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच विवाद इतना ज्यादा हो गया कि सरवाडी गेट के पास बस रोककर दोनों नीचे उतर गए। इससे सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आखिर सवारियां भी नीचे उतर गई। बाद में बुकिंग एजेंट ने अपनी जेब से 150 रुपए देकर बस को रवाना किया।

जानकारी के अनुसार जयपुर से भीलवाड़ा चलने वाली राजस्थान परिवहन निगम की भीलवाडा डिपो रोडवेज बस मंगलवार शाम को भीलवाड़ा से जयपुर की ओर जा रही थी। बस में सवारियां भरी हुई थी। शाम 5.45 बजे बस जैसे ही नसीराबाद हाइवे होते हुई सरवाडी गेट के पास पहुंची तो सरवाडी गेट पर पहले से खड़ा एक यात्री ने कंडक्टर को एक पार्सल जयपुर ले जाने के लिए दिया और उसके लिए कंडक्टर को 150 रुपए दिए। इस पर बस चालक नाराज हो गया। बस के चालक और खलासी के बीच पार्सल के 150 रुपए लेने को लेकर बहस हो गई। बहस देखते ही देखते ज्यादा हो गई तो बस चालक ने सरवाडी गेट के पास बस रोकी और चालक से उलझ पड़ा। ड्राइवर और खलासी आपस में भिड़ गए। इससे अचानक सवारियों में हड़कंप मच गया। सवारियां दोनाें को समझाने का प्रयास करने लगी। लेकिन गुस्साए चालक खलासी नहीं माने। दोनों के बीच काफी देर तक विवाद होता रहा। इससे परेशानी होकर सवारियों बस से नीचे उतर गई। सड़क पर बस खड़ी होने के कारण सड़क के दोनों ओर भी जाम लग गया। लेकिन चालक और खलासी नहीं माने। दोनांे उलझते रहे। तेज गर्मी और उमस में यात्रियांे का हाल बेहाल हो रहा था। गर्मी के मारे यात्री आसपास की दुकानों में पानी ढंढते नजर आए।

बुकिंग एजेंट ने दिए ड्राइवर को 150 रुपए, तब जाकर आगे बढ़ी बस : करीब बीस मिनट तक विवाद चलता रहा। बस से यात्री परेशान हो गए। भारी भीड़ जमा हो गई। सड़क पर जाम लग गया। सब मिलकर बस चालक और कंडेक्टर को समझाने का प्रयास करते रहे। लेकिन विवाद बढ़ता देख और यात्रियांे की परेशानी को देख मौके पर खड़ा बुकिंग एजेंट ने 150 रुपए बस ड्राइवर को दिए। तब जाकर ड्राइवर माना और बस में बैठ गया। तब जाकर बस गंतव्य के लिए रवाना हुई।

आए दिन होते है विवाद : यात्रियाें ने बताया कि बस चालक और खलासी पार्सल को लेकर आए दिन झगड़ा करते है। पार्सल देने वालों से पैसे लिए जाते है। आपस में बांटने की बजाय कंडक्टर अपने पास रख लेता है। इस बात को लेकर बसों में आए दिन विवाद होते है। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सबसे बड़ी बात ये है कि बस चालक और खलासी को पार्सल के पैसे से मतलब होता है। पार्सल को चैक तक नहीं किया जाता। भले उसमें कोई घातक, नुकसान पहुंचाने वाली वस्तु ही क्यों ना हो।

किशनगढ़. सरवाड़ी गेट पर बस चालक और खलासी के उलझने पर बस से उतरकर परेशान होती सवारियां।

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