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श्रमिक यूनियन के वर्चस्व की लड़ाई, समझौते के बावजूद अभी भी जारी है पावरलूम हड़ताल

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़

पावरलूम श्रमिक यूनियन यूनियन व मालिकों के बीच वेतन वृद्धि के लिए समझौता होने के बाद भी सोमवार को पावरलूम मशीनों थमी रहीं। यूनियनों के वर्चस्व की लड़ाई के चलते 22वे दिन भी हड़ताल जारी रही। राष्ट्रीय पावरलूम श्रमिक कांग्रेस यूनियन इंटक को दरकिनार कर किया समझौता मंजूर नहीं था। जबकि इंटक ने न तो मांगपत्र दिया और न ही बार-बार आमंत्रण के बावजूद वार्ता में शामिल हुई।

इंटक नेता सतीश शर्मा ने वेतनवृद्धि को श्रमिक हित में नहीं बताते हुए हड़ताल जारी रखने की घोषणा कर दी। शर्मा का कहना है कि श्रमिकों में से अधिकांश इंटक के साथ है। तो फिर समझौता दूसरी यूनियन के साथ क्यों? रविवार काे पावरलूम मालिकों की यूनियन राजस्थान पावरलूम एसोसिएशन की ओर से गठित दस सदस्यीय कमेटी व किशनगढ़ पावरलूम श्रमिक यूनियन के साथ समझाैता हुआ। इसकी घोषणा सोमवार को यूनियन नेता मोहन यादव को करने के बाद श्रमिकों को वापस काम पर लौटाना था। इंटक नेता सतीश शर्मा ने सोमवार को श्रमिकों की आम सभा की और समझौते को श्रमिक हितों के खिलाफ बताते हुए हड़ताल जारी करने की घोषणा की। शाम चार बजे शर्मा ने श्रमिकों के साथ एसडीएम अशोक कुमार के सामने अपना पक्ष रखा।

श्रमिकाें को वेतनवृद्धि मंजूर : अधिकतर श्रमिकोंं ने वेतनवृद्धि समझौते पर खुशी जाहिर की। अलका इंडस्ट्री के मास्टर रामस्वरूप यादव भाया ने श्रमिकोंं को साथ लेकर सोमवार को फैक्ट्री शुरू कर दी। उनका कहना है कि हमें समझौता मंजूर है और हम हड़ताल समाप्त करते हैं। जिन्हें मंजूर नहीं हो वे हड़ताल करें।

मालिकों के हित में कार्य कर रही है यूनियन : इंटक अध्यक्ष सतीश शर्मा ने आमसभा में कहा कि वेतनवृद्धि समझौता महंगाई को देखते हुए श्रमिक हित में नहीं है। समझौता करने वाली श्रमिक यूनियन का काेई वजूद नहीं है। यूनियन मालिकों के हित में कार्य कर रही है। इंटक साढ़े सोलह प्रतिशत वेतनवृद्धि को नियमित कर दिया जाता तो इंटक को भी स्वीकार होता।

हड़ताल जारी रहना दु:खद : राजस्थान पावरलूम एसोसिएशन की ओर से गठित दस सदस्यो की वार्ता कमेटी में कहा है कि जिस यूनियन ने एसोसिएशन को वेतनवृद्धि का मांगपत्र दिया उसके साथ समझौता किया। इंटक नेता श्रम आयुक्त के आमंत्रण के बावजूद वार्त में शामिल नहीं हुए और अब फरमान सुना दिया कि साढे सोलह प्रतिशत वेतनवृद्धि से कम स्वीकार्य नहीं है।

मदनगंज-किशनगढ़. मजदूरों की आमसभा के के दौरान श्रमिक।

मजदूरों को गुमराह कर रहे है नेता

किशनगढ़ पावरलूम श्रमिक यूनियन अध्यक्ष मोहन यादव का कहना है कि इंटक का ना रजिस्ट्रेशन, न कोई इंटक ने श्रमिक हित में मांगपत्र दिया, समझौता वार्ता में बार बार बुलाए जाने के बावजूद वार्ता में शामिल नहीं हुए। इंटक के नेता किसी भी कारखाने में श्रमिक नहीं है। यह कहकर कि श्रमिकों के बुलावे पर आया हूं। अचानक आमसभा कर हड़ताल कर दी। श्रमिक बेरोजगार हो गए। यूनियन ने रविवार को श्रमिकों के हित में सम्मानजनक समझौता किया अधिकांश श्रमिक इससे खुश है। परंतु इंटक नेता को श्रमिकों की नहीं अपने स्वार्थ की चिंता है। इसलिए अशांति फैला रहे हैं।

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