पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • साइबर क्राइम से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों को अपडेट होना जरूरी

साइबर क्राइम से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों को अपडेट होना जरूरी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़

आईजी मालिनी अग्रवाल ने सोमवार को पुलिस ट्रेनिंग स्कूल का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉन्फ्रेंस हाल में पीटीएस के अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्किल्स ट्रेनर ही स्किल रिक्रुटमेंट तैयार कर सकता है। जब आप फिट रहेंगे तभी प्रशिक्षण देने वालों को हिट बना सकते हैं। प्रशिक्षणार्थी के लिए आपको सख्त बनना होगा। जब सख्त होंगे तभी अच्छा प्रशिक्षण दे सकेंगे।

उन्होंने साइबर क्राइम से निपटने, विपरीत परिस्थितियों में पब्लिक का सामना कैसे करें, एक्ट व रूल में अंतर, सामान्य व्यवहार क्या, प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन का महत्व क्या, सोच कैसे विकसित करें सहित प्रशिक्षण क्यों, वर्तमान को आवश्यकता क्या, जनरेशन गैप से पनप रहे अपराध को किस प्रकार रोकें सहित सामान्य बातों की सीख दी। आईजी ने कहा कि कोई भी प्रशिक्षण पूरा कराए उसका ऐनालिसिस जरूर करें और प्रशिक्षण के बाद परीक्षा अवश्य लें ताकि प्रगति से भी रूबरू हो सकें। इस दौरान पीटीएस अधिकारी सर्वेश्वर ने पीटीएस के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। इससे पहले पीटीएस प्राचार्य राममूर्ति जोशी ने आईजी का स्वागत किया। आईजी ने पीटीएस के प्रशासनिक ब्लाॅक, क्वाटर गार्ड, शिव भवन, यज्ञभवन सहित अन्य गतिविधियों का अवलोकन किया। गुंदोलाव झील के किनारे बने यज्ञ भवन, ध्रुपद भवन को देखकर और प्रशिक्षणार्थियों द्वारा प्रशिक्षण के दौरान कराई गई गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान पीटीएस के आरएम राजेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पीटीएस के बारे में दी जानकारी

पीटीएस अधिकारी सर्वेश्वर ने प्रजेंटेशन के माध्यम से पीटीएस की विस्तार से जानकारी दी। पीटीएस अधिकारी सर्वेश्वर ने बताया कि पुलिस ट्रेनिंग स्कूल जो पूर्व में पुलिस ट्रेनिंग काॅलेज था का संचालन 1950 से हो रहा है। पहले यह चित्तौड़ के फतेह प्रकाश पैलेस पर संचालित होता था। वहां से इसे किशनगढ़ लाया गया। सितंबर 1975 में पुलिस प्रशिक्षण कालेज किशनगढ़ को जयपुर शिफ्ट कर दिया गया और इसे स्कूल बना दिया गया। वर्तमान में यहां छह प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें बेसिक, पदोन्नति सेवा रिफ्रेशर ट्रेनिंग, विशेष प्रशिक्षण, सांप्रदायिकता से बचाव प्रशिक्षण, बलवा नियंत्रण प्रशिक्षण, मंत्रालयिक प्रशिक्षण का अत्याधुनिक कोर्स कराया जाता है। अपराधी की सोच से दो कदम आगे का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें डी ड्रिल, पीटी व टीओटी प्रशिक्षण, इंस्ट्रक्टर प्रशिक्षण मुख्य है।

मदनगंज-किशनगढ़. पीटीएस पर अधिकारियो से परिचय प्राप्त करती हुई आईजी।

पीटीएस में अवलोकन करती हुई आईजी।

प्रोफेशन में स्मार्टनेस होना जरूरी

आईजी मालिनी अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में चारों ओर स्मार्टनेस का बोलबाला है। इससे हम अछूते नहीं हैं। हमारी पुलिस भी स्मार्ट बने इसके लिए हमें बेसिक पर जोर देना होगा। वर्तमान में सर्वाधिक पढ़े लिखे युवा इस ओर आ रहे हैं। उन्हें स्मार्ट बनने के लिए मोटिवेट करना है। एटिकेट, एटीटयूट, बिहेवियर, डिफ्रेंशिएटर व नॉलेज बेस्ड बनाना है।

खबरें और भी हैं...