पारा 42 डिग्री पर पहुंचा, तपन और उमस से हाल बेहाल
भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़
शहर में दिनभर तपिश, उमस व तेज गर्मी के बीच बुधवार को तापमान 42 डिग्री पर पहुंच गया। हालांकि तापमान में दिनोंदिन बढ़ोतरी हो रही है। सुबह से लेकर रात तक लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरों में लोग परेशान हो रहे हैं।
अस्पताल में गर्मी जनित रोगी, चर्म रोगियों की संख्या बढ़ रही है। दोपहर को चमड़ी झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है। तेज गर्मी के कारण चमड़ी झुलस रही है। अस्पताल में चमड़ी के रोगी पहुंच रहे है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले रोगियों की संख्या ज्यादा है। जिसमें खुजली चलना, चमड़ी छिलना, शरीर पर लाल दाने होना, दाद होना शामिल है। इन सभी स्किन एलर्जी का कारण तेज गर्मी है। इस गर्मी में त्वचा ही झ़ुलस रही है। ऐसे में चिकित्सा विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। गर्मी से बचने के लिए त्वचा को कपड़ों से ढकना, सन क्रीम लगाना सहित अन्य के बारे में जागरूक किया जा रहा है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता जा रहा है, वैसे- वैसे शहर व अन्य स्थानों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों का हाल भी बेहाल होता दिखाई दे रहा है। ग्रामीण क्षेत्र को छोड़ कर देखे तो शहर में पेड़ों की कमी होने के चलते आवारा मवेशियों को दोपहर की चिलचिलाती धूप में बैठने के लिए छांव भी नहीं मिल पा रही है। इसके अलावा अधिकांश मवेशियों को पानी पीने के लिए बनी खेलियां हटा देने से गंदी नालियों में पीकर ही काम चलाना पड़ रहा है।
भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़
शहर में दिनभर तपिश, उमस व तेज गर्मी के बीच बुधवार को तापमान 42 डिग्री पर पहुंच गया। हालांकि तापमान में दिनोंदिन बढ़ोतरी हो रही है। सुबह से लेकर रात तक लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरों में लोग परेशान हो रहे हैं।
अस्पताल में गर्मी जनित रोगी, चर्म रोगियों की संख्या बढ़ रही है। दोपहर को चमड़ी झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है। तेज गर्मी के कारण चमड़ी झुलस रही है। अस्पताल में चमड़ी के रोगी पहुंच रहे है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले रोगियों की संख्या ज्यादा है। जिसमें खुजली चलना, चमड़ी छिलना, शरीर पर लाल दाने होना, दाद होना शामिल है। इन सभी स्किन एलर्जी का कारण तेज गर्मी है। इस गर्मी में त्वचा ही झ़ुलस रही है। ऐसे में चिकित्सा विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। गर्मी से बचने के लिए त्वचा को कपड़ों से ढकना, सन क्रीम लगाना सहित अन्य के बारे में जागरूक किया जा रहा है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता जा रहा है, वैसे- वैसे शहर व अन्य स्थानों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों का हाल भी बेहाल होता दिखाई दे रहा है। ग्रामीण क्षेत्र को छोड़ कर देखे तो शहर में पेड़ों की कमी होने के चलते आवारा मवेशियों को दोपहर की चिलचिलाती धूप में बैठने के लिए छांव भी नहीं मिल पा रही है। इसके अलावा अधिकांश मवेशियों को पानी पीने के लिए बनी खेलियां हटा देने से गंदी नालियों में पीकर ही काम चलाना पड़ रहा है।
साइड इफैक्ट
उपखंड में पारा एक बार फिर 42 डिग्री के पार पहुंच गया है। मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच शहर में आसमान से आग बरस रही है। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से हाल-बेहाल है। दिन में बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। हालत ये है कि पंखे और कूलर जवाब देने लगे हैं। तेज गर्मी से मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगे हैं। गर्म हवाओं की चपेट में आने से लोग बीमार हो रहे हैं। ऐसे में मसालेदार चीजों को ज्यादातर ना करना ही बेहतर है। इससे भी भयावह स्थिति तेज सिर दर्द, श्वास लेने में तकलीफ, दिल की धड़कन तेज होना, त्वचा लाल होना, चक्कर आना, उल्टी, काफी पसीना होना या बेचैनी होती है। ऐसी स्थिति में तुरंत इलाज मुहैया नहीं होने से यह जानलेवा भी हो सकता है। इसमें शरीर में सोडियम पोटेशियम का संतुलन बिगड़ सकता है जिससे शरीर के महत्वपूर्ण अंग खराब होने का खतरा भी हो सकता है। मौसम अनुसार खाने की चीजों का उपयोग लेना चाहिए। गर्मी के मौसम में हर व्यक्ति को अपने खान-पान का खास ध्यान रखना जरूरी है।
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छाछ, नारियल पानी और खीरा बचाएगा बीमारियों से
एक्सपर्ट बताते है कि भरपूर छाछ का सेवन गर्मियों में शरीर को ठंडक देता है और यह पाचन क्रिया को भी दुरुस्त रखता है। चाय या कॉफी की बजाए आप गर्मियों में नारियल पानी का सेवन कर सकते हैं। इसमें मौजूद कैल्शियम, क्लोराइड और पोटेशियम आपको हेल्दी बनाएं रखते हैं। आप चाहें तो नारियल पानी की बजाए नींबू पानी का सेवन भी कर सकते हैं। वैसे तो अधिकतर लोग गर्मियों में खीरे को सलाद के रूप में खाना पसंद करते हैं। इसका रस निकाल कर भी पी सकते हैं। सोडियम, पोटेशियम और तरबूज शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ दिल के रोग, तनाव, कब्ज संबंधी समस्याएं को भी दूर रखता है।
लू लगने पर नमक और शक्कर का घोल पिलाएं
गर्मी के कारण लू से ग्रस्त व्यक्ति को तुरंत छांव में हवा वाली जगह पर ले जाएं। इसमें शरीर का तापमान बढ़ जाता है। छायादार जगह पर पहुंचने से तापमान सामान्य आना शुरू हो जाता है। ऐसे व्यक्ति को नमक और शक्कर का घोलकर पिलाएं। उसके सारे कपड़े निकालकर सिर्फ अंदरूनी वस्त्र रखें और शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव या पट्टी करना चाहिए। गीली चादर या टावल में उस व्यक्ति को लपेटकर तापमान कम करने का प्रयास करें और क्त संचरण सुचारू रखें। संभव हो तो बर्फ के टुकड़े कपड़े में लपेटकर गर्दन, बगलों और जांघों पर रखें।