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21 दिन बाद पावरलूम उद्योग में सुनाई देगी मशीनों की गड़गड़ाहट

3 वर्ष पहले
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पावरलूम एरिया में 30 अप्रैल से चल रही हड़ताल रविवार 20 मई को समाप्त हो गई। सोमवार से पावरलूम क्षेत्र में मशीनों की गड़गड़ाहट शुरू हो जाएगी। राजस्थान पावरलूम एसोसिएशन की वार्ता कमेटी व किशनगढ़ पावरलूम श्रमिक यूनियन के बीच रविवार को आयोजित मैराथन वार्ता में समझौते को हरी झंडी मिली। राजस्थान पावरलूम एसोसिएशन के सभागार में आयोजित वार्ता में पावरलूम श्रमिकों की वेतनवृद्धि 14.5 प्रतिशत से लेकर 20.6 प्रतिशत तक हुई है। समझौता होते ही दोनों पक्षों ने इसे ऐतिहासिक बताया।

किशनगढ़ पावरलूम श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष मोहनलाल यादव ने कहा कि समझौता 20 मई से ही लागू माना जाएगा। समझौता 20 जनवरी 2020 तक के लिए मान्य होगा। इससे किशनगढ़, दाता, गेगल क्षेत्र में फिर से मशीनों की गूंज सुनाई देगी। आठ हजार मजदूरों सहित हजारों मजूदरों को लाभ होगा। समझौता वार्ता में वार्ता कमेटी के रामावतार अग्रवाल, कल्याणमल यादव, राजेश कोठारी, गोपाल अग्रवाल, रमेश यादव, उमराव सिंह, मजदूर यूनियन से अध्यक्ष मोहनलाल यादव, मुन्ना कुरैशी, रामचरण, गोपाल यादव, रूपचंद, भंवरलाल यादव, जयदेव मीणा, रामस्वरूप यादव, वृद्धिचंद दाता, किशन शर्मा सहित अन्य ने भाग लिया।

किशनगढ़. वार्ता में मौजूद कमेटी व श्रमिक यूनियन के पदाधिकारी।

तीन दिन लगातार बातचीत करने के बाद निकला हल

मालूम हो कि नियोजन पक्ष ने साधारण सभा की बैठक शनिवार को बुलाई और उसमें अध्यक्ष जगदीश नारायण बंसल का इस्तीफा स्वीकार किया। पावरलूम श्रमिक से वार्ता के लिए वार्ता कमेटी का गठन किया। वार्ता कमेटी के पदाधिकारियों व किशनगढ़ पावरलूम श्रमिक यूनियन के पदाधिकारियों ने पावरलूम उद्योग को बर्बाद होने से बचाने के लिए उचित वातावरण तैयार कर बातचीत शुरु की। तीन दिन तक लगातार बातचीत हुई और परिणाम रविवार को निकल गया।

महंगाई के दौर में यह सम्मानजनक समझौता नहीं

राष्ट्रीय पावरलूम श्रमिक यूनियन कांग्रेस इंटक के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि जो समझौता हुआ वह पावरलूम श्रमिकों को स्वीकार होना चाहिए। मेरे स्वीकार करने नहीं करने से कोई फर्क नहीं पड़ता। महंगाई को देखते हुए इसे सम्मानजनक समझौता नहीं कहा जा सकता।

21 दिन से कारोबार प्रभावित, करोड़ों का नुकसान

पावरलूम क्षेत्र में हड़ताल के कारण प्रतिदिन 1.5 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। वहीं प्रतिदिन दस लाख रुपए मजदूरी की हानि पावरलूम श्रमिकों को हुई। इस प्रकार अब तक 31.5 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। वहीं 2.10 करोड़ की मजदूरी का नुकसान हुआ है। मालूम हो कि पावरलूम में साढ़े पांच सौ पावरलूम यूनिट वर्तमान में चल रही है।

समझौता की खास शर्तें

कारीगर 102 लूम व इससे अधिक पर 14.50 प्रतिशत वृद्धि

कारीगर चालीस इंच से चौरासी इंच लूम पर 20.60 प्रतिशत वृद्धि

मास्टर की वेतन वृद्धि 11.25 प्रतिशत

वाइंडर्स आठ लूम पर 8.5 रुपए, 12 लूम पर 14.5 रुपए, 16 लूम पर 20.5 रुपए प्रतिदिन आठ घंटा पर बढ़ोतरी की गई है।

रिवाइंडर्स, चरखा, चौकीदार 9.5 रुपए प्रतिदिन आठ घंटा कार्य करने पर बढोतरी

फोल्डर्स के वेतन में 15.15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

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