राज्य पुलिस और स्टेट क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो के सारथी अभियान की अगली कड़ी में प्रदेश के सभी थानों में बीट कांस्टेबल की तर्ज पर बालिकाओं को वॉलंटियर बनाया जाएगा। इन्हें ब्यूरो से संभाग मुख्यालय और जयपुर में तीन माह का प्रशिक्षण देने के बाद सर्टिफिकेट के साथ कोड दिया जाएगा, जो स्टेट क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो में रिकॉर्ड रहेगा।
हर थाने में 15 बालिकाओं यानी, प्रदेश में करीब 860 थाने हैं, ऐसे में प्रदेशभर में करीब 13 हजार बालिकाओं को वॉलेंटियर बनाया जाएगा। जानकारी के अनुसार किशनगढ़ सीओ सर्किल में सात थाने हैं। इनमें मदनगंज थाना, किशनगढ़ शहर, बांदरसिंदरी, गांधीनगर, अरांई, बोराड़ा तथा रूपनगढ़ थाना शामिल है। इन प्रत्येक थानों से पंद्रह बालिकाओं को वॉलंटियर बनाया जाएगा। यानि कुल 105 बेटियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जयपुर, उदयपुर में इस अभियान की शुरुआत हो गई है। अब इसे अजमेर सहित सभी जिलों में शुरू किया जाएगा। इस आशय के आदेश पुलिस मुख्यालय ने एसपी को भेज दिए हैं। इसके तहत प्रदेश में एक लाख बालिकाओं को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है। इन्हीं में से वॉलंटियर्स चुने जाएंगे।
कम्युनिकेशन गैप खत्म होगा
स्टेट क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो एसपी पंकज चौधरी ने बताया कि पुलिस और पब्लिक के बीच सूचनाओं का आदान प्रदान करने की गैप है। इसलिए सारथी अभियान शुरू किया है। अब इसी क्रम में थानों में बालिका वॉलंटियर शुरू किया है। इससे सबसे ज्यादा फायदा पीड़ितों को मिलेगा।
वॉलंटियर बालिका पीड़ित का परिवार लेकर उच्चाधिकारियों तक पहुंचेगी : थाना क्षेत्र में हो रहे अपराधों में कई मामले ऐसे होते हैं जो पुलिस तक पहुंचते हैं लेकिन उनमें कार्रवाई नहीं होती है। वॉलंटियर बालिका पीड़ित का परिवाद लेकर सीधा एसपी, आईजी, स्टेट क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो एसपी और पुलिस मुख्यालय तक पहुंचेगी। अधिकारी सीधा परिवाद पर एक्शन लेंगे। प्रत्येक संभाग मुख्यालय पर प्रशिक्षण केंद्र खोला हुआ है। यहां बालिकाओं का प्रशिक्षण चल रहा है। वॉलंटियर के लिए उन बालिकाओं का चयन किया जाएगा जो प्रशिक्षण में आत्मसुरक्षा, पुलिस गतिविधियों से जागरूकता, अपने क्षेत्रों को अच्छे से जानने वाली आदि खूबियां हो।