भीषण गर्मी व उमस से जहां लोग बेहाल हैं, वही बिजली की अनियमित आपूर्ति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शहर में 10 से 12 घंटे की विद्युत कटौती की जा रही है। रविवार को पूरे जिले में सुबह 9 बजे से शाम के 6 बजे तक विद्युत आपूर्ति ठप रही। विभाग के द्वारा मेंटेनेंस कार्य का हवाला देकर बिजली आपूर्ति बंद की गई थी । बिजली नहीं होने के कारण दिनभर लोग गर्मी से परेशान रहे। गर्मी शुरू होते ही बिजली की आंख मिचौनी शुरू हो गई है। शहरी क्षेत्रों में भी कभी मेंटनेंस के नाम पर तो कभी डीवीसी की लोड शेडिंग के नाम पर पूरे दिन बिजली बंद कर दी जाती है। बिजली की अनियमित आपूर्ति से आम लोगों का विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण इलाकों की स्थिति भी बद से बदतर हो गई है। सुदूरवर्ती प्रखंड सतगांवा में बिजली की समस्या गंभीर बनी हुई है। प्रखंड में 20-20 घंटे बिजली बाधित रह रही है। वहीं मरकच्चो, जयनगर इलाका भी बुरी तरह प्रभावित है। विभाग की ओर से शहरी क्षेत्रों में शिफ्ट वाइज सभी फीडरों में नियमित रूप से 4 से 5 घंटे की लोड शेडिंग की जा रही है।
डीवीसी ने 1-20 मई के बीच शहर में 10 घंटे की लोड शेडिंग की
विद्युत विभाग द्वारा अक्सर बिजली कटौती का कारण डीवीसी की लोड शेडिंग को बताया जाता है। जबकि पिछले 1 मई से 20 मई के बीच डीवीसी के आंकड़ों के अनुसार तिलैया फीडर में मात्र 10 घंटे व कोडरमा फीडर में 5 घंटे 25 मिनट की शेडिंग की गई है। डीवीसी से मिली जानकारी अनुसार विभाग के द्वारा 9 मई को 75 मिनट, 10 मई को तिलैया में 60 मिनट व कोडरमा में 30 मिनट, 14 मई को तिलैया में 20 मिनट व कोडरमा में 10 मिनट, 15 मई को तिलैया में 90 मिनट, 16 मई को तिलैया में 90 मिनट, 18 मई तिलैया में 60 मिनट व कोडरमा में 60 मिनट व 19 मई को तिलैया में 90 मिनट व कोडरमा में 90 मिनट की लोड शेडिंग की गई है।
दर बढ़ाई जा रही है पर सुविधा नदारद
ताराटांड़ निवासी मुरली शर्मा ने कहा कि सरकार बिजली दर में बढ़ोतरी कर रही है, लेकिन विद्युत की सुविधा नदारद है। इससे गर्मी में काफी परेशानी हो रही है। 8 से 10 घंटे भी बिजली सही से नहीं मिल पा रही है। इस कारण घर के लोग गर्मी के कारण बीमार पड़ रहे हैं। लो वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई रहती है। इसके कारण इनवर्टर भी चार्ज नहीं हो पा रहा है। वार्ड नंबर-25 निवासी सूरज कुमार कसेरा ने बताया कि जीरो कट बिजली दिए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन सही से 5-6 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है। विद्युत कटौती का कोई सिस्टम नहीं है। उन्होंने कहा कि लगातार लोड शेडिंग से समस्या बढ़ रही है। रांची-पटना रोड निवासी प्रदीप साव ने कहा कि दिन-दिन भर बिजली कटौती से घर का कामकाज प्रभावित हो रहा है। विद्युत समस्या के कारण पानी आपूर्ति भी बाधित हो जाती है।
प्रदीप साव।
सूरज कसेरा।
मुरली शर्मा।
चतरा में दस घंटे ही मिल रही बिजली
चतरा | शहर में बिजली व्यवस्था सुदृढ़ होने के बजाय और भी लचर हो गई है। शहर काे 10 घंटे ही बिजली मिल रही है। रात में तो बिजली लोगों काे रुला रही है। बिजली के बिना लोग दिन तो किसी तरह गुजार लेते हैं। लेकिन बिजली के बिना रात गुजारना मुश्किल हो गया है। बिजली की नियमित आपूर्ति नहीं होने का सबसे अधिक असर पेयजलापूर्ति पर पड़ रहा है। सप्ताह में एक दिन ही पेयजलापूर्ति हाे रही है। इसके कारण शहर के तीन चौथाई हिस्से में पानी नहीं चढ़ रहा है। लोग बिजली के साथ- साथ पानी के लिए तरस रहे हैं। पानी के लिए लोग इधर-उधर भटक रहे हैं। जिले में भीषण गर्मी पड़ रही है। लू भी चल रहा है। इससे बेखबर लोग चार से पांच किलोमीटर दूरी तय कर पानी लाने को मजबूर हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने काे लेकर पिछले दिनों बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक राहुल पुरवार चतरा आए थे। उन्होंने बिजली विभाग की एजेंसी और विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बीच उन्होंने एजेंसी और अधिकारियों काे बिजली व्यवस्था में सुधार लाने का सख्त निर्देश दिया था। लेकिन उनके निर्देश का असर एजेंसी और अधिकारियों पर नहीं पड़ रहा है। उनके चतरा से रांची लौटते ही बिजली की व्यवस्था और ही खराब हो गई है। पहले दिन में तो बिजली नहीं मिलती थी पर रात में भरपूर बिजली मिलती थी। लोग चैन से सोते थे। लेकिन अब दिन की ही तरह रात में बिजली आपूर्ति की जा रही है।