नगर पर्षद की ओर से पीपीपी मोड पर चंद्रोडीह में कचरा अपशिष्ट प्लांट लगाया जा रहा है। निर्माणाधीन कचरा अपशिष्ट प्लांट में संग्रहित कचरे से प्रतिदिन 10 टन कम्पोस्ट खाद और 12 टन आरडीएफ फ्यूल तैयार होंगे। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। कम्पोस्ट खाद खेती के काम आएगी, जबकि फ्यूल कारखाना के लिए उपयोगी साबित होगा। इसको लेकर कचरा कम्पोस्ट प्रोसेसिंग मशीन का वर्क ऑर्डर भेजा जा चुका है। एक-डेढ़ वर्ष के अंदर मशीन स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी होगी। प्लांट के लिए उपलब्ध चंद्रोडीह में 8 एकड़ जमीन की घेराबंदी का कार्य चल रहा है। प्लांट पर 16.59 करोड़ खर्च आएगा। प्लांट में झुमरी तिलैया नगर पर्षद के कुल 28 वार्डों से करीब 30 टन गीला एवं सूखा कचरा तथा कोडरमा नगर पंचायत से 10 टन कचरा प्रतिदिन संग्रहित होगा। कचरा का कलेक्शन डोर-टू-डोर किया जाएगा। प्लांट को केमिकल से शत प्रतिशत प्रदूषण मुक्त बनाने की योजना भी है। वहीं डोर टू डोर कचरा संग्रहण के लिए ट्रैकिंग सिस्टम पर काम चल रहा है। नगर पर्षद के 14 वार्डों में ट्रैकिंग सिस्टम आरएफआईडी लगाए जा चुके हैं। इससे घर घर कचरा उठाने की मॉनिटरिंग आसान हो गई है। कचरा संग्रहण के लिए हर तरह के वाहन लगाए गए हैं। नए वाहनों की खेप भी शीघ्र आएगी। नगर पर्षद सूत्र के अनुसार प्लांट में ट्रोभल मशीन भी लगाने की प्रक्रिया पर कार्य किया जा रहा है। इस मशीन से सूखे एवं गीले कचरे को आसानी से अलग किया जाएगा। कचरा से तैयार कंपोस्ट का उपयोग खेती में किया जाएगा। यह किसानों को निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध होगी।
प्लांट तैयार होने में लगेगा 16 महीने: नीरज झा
वर्ट इनवर्टेक कंपनी के साइड इंचार्ज नीरज झा ने बताया की प्लांट को तैयार होने में करीब 16 माह का समय लगेगा। प्लांट के शुरु होने के बाद शहर को कचरा से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।