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जिले में अबतक की सबसे बड़ी लूट की घटना, खुलासे के लिए विशेष दल गठित

3 वर्ष पहले
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घाटी में शनिवार की रात सर्राफा कारोबारी से हुई करोड़ रुपए की लूट की घटना जिले में अबतक की सबसे बड़ी लूट की घटना है। इसके पहले इतनी बड़ी राशि की लूट की घटना जिले के किसी भी थाना क्षेत्र में नहीं घटी है। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन सकते में है। वहीं मामले के उद्भेदन को लेकर पुलिस पूरी संजीदगी के छानबीन में जुट गई है। इसके लिए एसपी द्वारा पुलिस पदाधिकारियों का विशेष दो दलों का गठन किया गया है।

संभावित जगहों पर छापेमारी व घटना की छानबीन को लेकर भेजा गया है। इसके अलावा थाना प्रभारी द्वारा भी जिले से सटे बिहार के नवादा व बिहारशरीफ थाने से संपर्क कर मामले का टाेह लगाने में लगी है। पुलिस द्वारा बिहार की ओर भागे अपराधियों की पहचान को लेकर वीडियो फुटेज के जुगाड़ में भी लगी है। साथ ही पुलिस सह चालक की भी तलाश कर रही है। जिसे अपराधियों ने घटना स्थल से मात्र कुछ दूरी पर ही वाहन से धक्का देकर उतार दिया था। इधर घटना के बाद भी उक्त चालक का अता-पता नहीं चल सका है। इधर पुलिस को दिए बयान में व्यवसायी ने बताया है कि वह सह चालक के रूप में बिहार शरीफ से एक अन्य चालक को भी गाड़ी में बैठाया था। जिसे अपराधियों द्वारा साथ ले जाने की बात कही गई है। व्यवसायी ने बताया है कि उक्त चालक की प|ी ने उसके दूसरे चालक के फोन पर दो बार फोन कर उसके संबंध में पूछताछ की थी। व्यवसायी ने पुलिस को अपराधियों द्वारा लूटी गई राशि के अलावा उसके पास मौजूद 20हजार की अन्य राशि भी छीन लिए जाने की बात कही है। व्यवसायी ने बताया कि अपराधियों की उम्र 25से 30 साल बताई है। इनके चेहरे खुले थे। इधर पुलिस द्वारा लूट में इस्तेमाल की गई बोलेरो के भी तलाश का प्रयास कर रही है। इसके बारे में घटना के बाद तिलैया की ओर जाने की बात बताई गई है। लूट कांड की घटना को पूरे घटी के के बजाय कोडरमा थाने में महज दो किलोमीटर दूरी पर घाटी के मुहाने पर अंजाम दिया जाना भी कई सवाल खड़े कर रहे है।

व्यवसायी ने रात में पुलिस को नहीं दी जानकारी

कोडरमा घाटी में रात भर पुलिस की पेट्रोलिंग सहित पीसीआर वाहन गश्त पर रहता है। बावजूद इसके पीड़ित द्वारा रात में पुलिस को घटना की जानकारी नहीं दिया जाना संदेह उत्पन्न करता है। वहीं गश्ती दल को भी रात में घटना की जानकारी नहीं मिल सकी। जबकि वह घाटी में दस से बारह किलोमीटर पैदल चलते हुए लठबहिया मंदिर पहुंचा था।

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