क्रशर व खनन व्यवसाय में जिला प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में भाजपा ने समाहरणालय पर धरना प्रदर्शन किया। धरना कार्यक्रम को उत्तरी छोटानागपुर पत्थर उद्योग संघ ने भी नैतिक समर्थन दिया। मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष रामचंद्र सिंह ने कहा कि जिले की आजीविका का मुख्य साधन पत्थर व्यवसाय है। उन्होंने कहा कि 1980 में फॉरेस्ट एक्ट लागू होने के बाद अभ्रक उद्योग पूर्ण रूप से बंद हो गया। इस व्यवसाय से लाखों लोग अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश सिंह ने कहा जिले में करीब 360 क्रशर को खनन विभाग व फार्म-एल का लाइसेंस दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद क्रशरों को भंडारण का लाइसेंस नहीं मिलने के मुख्य कारण राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा बार बार अपने ही बनाए गए नियमों का हवाला देकर क्रशर व्यवसायियों को सालों साल तक कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है, जिसके कारण यहां के व्यवसायी आर्थिक व मानसिक रूप से काफी परेशानी उठा रही है।
कार्यक्रम को भाजपा महामंत्री नितेश चंद्रवंशी, वीरेंद्र सिंह, नगर पर्षद अध्यक्ष प्रकाश राम, महेंद्र प्रसाद वर्मा, गोपाल कुमार गुतुल, मानिक चंद सेठ, वासुदेव शर्मा, अज्जू सिंह, बालमुकुंद सिंह ने भी संबोधित किया। धरना के पश्चात उपायुक्त को खनन उद्योग में आ रही समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद में एनओसी व सीटीओ के लिए जिन क्रशरों का आवेदन लंबित है वैसे क्रशरों को एनओसी व सीटीओ देने की व्यवस्था करने और जब तक उनपर इसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई है। मौके पर सहदेव प्रसाद वर्णवाल, नारायण मेहता, विजय यादव, विमल कुमार मोदी, शिवलाल सिंह, अनिल कुमार यादव, आनंद सिंह, मनोज कुमार, देवनारायण मोदी, विजय राम, नंदकिशोर शर्मा सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।