‘जीवन में सत्य का साथ नहीं छोड़ना चाहिए’
कोलायत | मनुष्य को कभी भी जीवन में सत्य का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।
श्रीमद्भागवत कथा के दौरान यह बात कोलायत के बीचला बास में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पंडित श्यामश्री बालाजी ने व्यक्त किए। कथावाचक ने बताया कि सत्य के मार्ग पर चलने से मनुष्य को कष्ट अवश्य होता है लेकिन सत्य के मार्ग पर चलने से व्यक्ति प्रभु की कसौटी पर खरा उतरता है। इस अवसर पर उन्होंने भागवत कथा कलयुग में साक्षात प्रभु तप के समान है। जिस प्रकार सतयुग में तपस्या की जाती थी उसी प्रकार कलयुग में केवल भागवत सुनने मात्र से मोक्ष की प्राप्ति संभव है।
कथा का वाचन करते पंडित श्याम श्री बालाजी।