टैक्स जमा नहीं, डेढ़ सौ व्यावसाइयों को नोटिस
वाणिज्यकर विभाग ने कर वसूली में अब सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। जीएसटी लागू होने के बाद जुलाई 2017 से जिले के दोनों सर्किल के ऐसे 150 व्यापारी हैं जिन्हें विभाग से नोटिस पर नोटिस जारी हो रही है। विभाग तीसरी और अंतिम नोटिस जारी होने तक व्यापारियों को मौका दे रहा है। इसके बाद भी उनकी ओर से कोई पहल नहीं हुई तो संस्था या फर्म का लाइसेंस एक साल के लिए रद्द हो जाएगा। ऐसा होने पर वे 1 साल तक कारोबार नहीं कर सकेंगे।
जिले में 4 हजार व्यापारी हैं जो सेल टेक्स जमा कर रहे थे। जीएसटी लागू होने के बाद से कई व्यापारी इसे या तो समझ नहीं पाए हैं या समझना नहीं चाहते हैं। यही कारण है कि वे नियमित टैक्स जमा करने से बचे हुए हैं। विभाग के पास सर्किल-1 व 2 में 150 व्यापारियों की सूची है जिन्होंने जुलाई के बाद से कोई टैक्स जमा ही नहीं किया है। जिले में कुछ ऐसे भी व्यापारी हैं जिन्हें एक्स पार्टी बना दिया गया है। इनसे वाणिज्य कर विभाग करोड़ों रुपए वसूली करने की तैयारी में है। ऐसे व्यापारियों की संख्या 60-65 के करीब है। व्यापारी इसके लिए दोषी सर्किल 2 की इंचार्ज श्वेता यादव को मानते हैं। व्यापारियों के पक्ष में सीए एसोसिएशन भी मुहिम चला रहा है। इस संबंध में जब श्वेता यादव से जानकारी चाही गई तो उन्होंने इस संबंध में कोई भी बात करने से इनकार कर दिया।
कर निर्धारण की अंतिम तिथि 30 जून, फिर भी एक्स पार्टी
जीएसटी लागू होने के बाद शासन ने कर निर्धारण की अंतिम तिथि 30 जून 2018 तक बढ़ा दिया। नवंबर में पहली नोटिस व्यापारियों को असिस्मेंट कराने काटा। लेकिन विभाग ने यह नहीं देखा कि जिन व्यापारियों को नोटिस दिया गया है उन्हंे मिला भी या नहीं। यह जाने बगैर 60-65 केस को एक्स पार्टी कर दिया।
हर माह टैक्स जमा करने से बढ़ी परेशानपी
जीएसटी रिटर्न लोग समय पर इसलिए नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उन्हें हर माह जमा करना होता है। लेकिन सरकार से उनके खाते में रिटर्न आने में 2 से 3 माह का समय लग रहा है। अगर सरकार भी व्यक्ति या व्यापारियों को समय पर जीएसटी रिटर्न का भुगतान करे तो व्यापारी भी समय पर जीएसटी भुगतान करनेे में रुचि दिखाएंगे।
व्यापारी विरोध में, विभाग पर मढ़ रहे दोष
कर दाता व्यापारी ही नहीं सीए एसोसिएशन इसके लिए वाणिज्य कर विभाग की सर्किल-2 की प्रभारी को दोषी मानते हैं। जिसकी शिकायत वित्त मंत्री समेत मुख्यमंत्री से की जा चुकी है। सर्किल -2 से जारी नोटिस को आर्डर में भी नहीं लिया गया। शिकायतों के बाद भी अब तक यह समस्या बनी हुई है।