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पार्किंग में लग जाते हैं ठेले, सड़क पर खड़े करना पड़ रहे वाहन, पार्किंग का प्लान नहीं
शहर में वाहनों की संख्या बढ़ने से सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। दूसरी ओर पार्किंग की भी समस्या बनी हुई है। खासकर निहारिका-घंटाघर के बीच लगातार व्यवसायिक क्षेत्र बढ़ता जा रहा है।
दिन के समय जहां सड़क किनारे बैंक व निजी क्लीनिक समेत शिक्षण संस्थान के कारण भीड़भाड़ रहती है। वहीं शाम के समय इस बीच पुष्पलता व स्मृति उद्यान व चौपाटी होने से बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए मंनोरंजन का क्षेत्र भी बन जाता है। इस कारण शाम होते ही इस क्षेत्र में शापिंग करने के साथ-साथ उद्यानों मंे घुमने व चौपाटी में खाने-पीने के लिए लोग बड़ी संख्या में वाहनों से पहुंचते हैं। व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के सामने जो जगह बचे हैं वहां गिनती के ही वाहन खड़े होते हैं। पार्क के आसपास पार्किंग के लिए जो स्थान तय है वहां ठेले-खोमचे लग जाते हैं। ऐसे में वाहन खड़ी करने प्रर्याप्त जगह नहीं बचती है। मजबूरन लोगांे को वाहन जहां-तहां बेतरतीब ढंग से खड़ी करनी पड़ती है। खास परेशानी फोर व्हीलर में आने वालों को होती है। सड़क के अलावा अन्य कोई जगह नहीं रहता है। कई फोर व्हीलर चालक सड़क पर ही वाहन खड़े कर देते हैं।
पार्किंग की व्यववस्था नहीं होने से शहर के लोगों को होना पड़ता है परेशान, जिम्मेदान नहीं दे रहे ध्यान
बेसमेंट का व्यवसायिक उपयोग, कार्रवाई नहीं
शहर में लगातार ऊंचे व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का निर्माण हो रहा है। नए नियमों के तहत ऐसे व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के बेसमेंट पार्किंग बनाना जरूरी है। निहारिका क्षेत्र में कई प्रतिष्ठानों में बेसमेंट पार्किंग जरूर बने हैं, लेकिन उनका उपयोग व्यवसायिक रूप से किया जा रहा है। नियमत: निगम को सर्वे करके कार्रवाई करना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होता है।
जगह नहीं, ट्रैफिक पुलिस कर देती है चालान: एक आेर जहां निहारिका से घंटाघर के बीच वाहनों के पार्किंग के लिए प्रर्याप्त जगह नहीं है। वहीं दूसरी ओर ट्रैफिक पुलिस पेट्रोलिंग करते रहती है। जो तय लाइनिंग से बाहर वाहन दिखते ही चालान कर देती है। लोगों की परेशानी हो जाती है कि वाहन कहां खड़ी करें। कई बार लोग अपने वाहन निकालने के लिए बेहतर तरीके से पार्किंग में रखी गई वाहनों को बेतरतीब ढंग या सड़क पर खड़ी कर देते हैं।
ट्रैफिक पुलिस करती है व्यवस्था बनाने की कोशिश
एडिशनल एसपी कीर्तन राठाैर के मुताबिक शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को अलग-अलग जोन में बांटकर ड्यूटी लगाई गई है। जोनवार ट्रैफिक पुलिस की टीम पेट्रोलिंग करते हुए वाहन चालकों से व्यवस्थित पार्किंग कराने का प्रयास किया जाता है। वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी से पार्किंग की समस्या हो रही है।
घंटाघर मैदान में होते हैं कई तरह के आयोजन
एक ओर जहां व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, निजी क्लीनिक, चौपाटी व उद्यानों में पहुंचने वालों के लिए वाहन पार्किंग की समस्या बनी हुई है वहीं दूसरी ओर समीप घंटाघर मैदान या ओपन ऑडिटोरियम में हर दूसरे-तीसरे दिन कोई न कोई आयोजन होता है। जहां पहुंचने वालों के सामने भी पार्किंग की समस्या बनी रहती है।
15 करोड़ में पावर हाऊस रोड पर बनेगी पार्किंग
शहर के पुराने और व्यस्तम व्यवसायिक क्षेत्र पावर हाऊस रोड के लिए नहर रोड पर 15 करोड़ की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जा रही है। जो डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जाएगा। पेड पार्किंग में 200 दो पहिया व चार पहिया वाहन एक साथ खड़े हो सकेंगे। पावर हाऊस रोड पर सड़क के दोनों ओर दुकान सटे होने के कारण वर्तमान में लोगों को वाहन पार्किंग के लिए परेशान होना पड़ता है।
निहारिका-ट्रांसपोर्टनगर में पार्किंग पर ध्यान नहीं
पावर हाऊस रोउ पर पार्किंग निर्माण कार्य की योजना बनाई गई थी तब निहारिका व ट्रांसपोर्टनगर में भी व्यवसायिक दायरा के साथ वाहनों की संख्या बढ़ने पर पार्किंग की जरूरत माना गया था। लेकिन इन क्षेत्रों के लिए कोई योजना नहीं बनी। सड़क किनारे खाली पड़े जगह को ही पार्किंग तय किया गया। जहां ठेले वालों का कब्जा रहता है। हर साल शहर में करीब 15-20 हजार वाहन बढ़ जाते हैं। ऐसे में आने वाले समय में पार्किंग एक बड़ी समस्या साबित होगी।