प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ में न छीनें बच्चों का बचपन
आज शिक्षा का व्यावसायीकरण हो गया है। हमें अपने बच्चों के भविष्य की चिंता तो रहती ही है, पर हमें यह भी सोचना होगा कि कहीं इस प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ में हम अपने बच्चों का बचपन तो नहीं छीन रहे हैं।
यह बात कलेक्टर मो.कैसर अब्दुल हक ने आईपीएस दीपका में अनेकता में एकता भारत की विशेषता थीम पर आयोजित वार्षिकोत्सव में रविवार को कहा। उन्होंने आइपीएस के छात्रों के प्रतिभा को सराहा। उन्होंने कहा कि आइपीएस दीपका ने बहुत ही कम समय में अपने आपको स्थापित कर साबित किया है कि कठिन परिश्रम व समर्पण का कोई विकल्प नहीं है। कार्यक्रम में प्रो. वाइस चेयरमैन आईपीएस ग्रुप विवेक वर्मा, अध्यक्ष महिला मंडल एसीबी शशि सिंधुु भी उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथियों में मैनेजर आइपीएस राजवीर नरवाल, एसीबी ग्रुप से सोमवीर सिंधु, विपिन मलिक, अनिल सहरावत, अश्विन चौधरी, कर्नल राकेश चौधरी जीएम एडमिन उपस्थित थे। उत्सव में प्रिंसिपल डीपीएस दुर्ग अनुपम सागर, प्रिंसिपल डीपीएस बिलासपुर जसपाल मठ, प्रिंसिपल डीएवी कोरबा एचके पाठक, प्रिंसिपल सेंट जेवियरएम फैडरिक, एडमिनिस्ट्रेटर डीपीएस बिलासपुर मोहंती, पूर्व प्राचार्य सेंट पैलोटी कोरबा डॉ. जीडी यादव उपस्थित थे। प्राचार्य संजय गुप्ता ने स्कूल की प्रगति पर प्रकाश डाला व बीते वर्ष सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को प्राचार्य एवं अतिथियों ने पुरस्कृत किया। सर्वप्रथम सत्र 2017-18 में 95 पᆬीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। इसी प्रकार पूरे शिक्षण सत्र में शत्-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले छात्रों को अवार्ड दिया गया। छात्रों ने गणेश वंदना के साथ मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। लोक नृत्यों की कड़ी में बिहू, छत्तीसगढ़ी, भांगड़ा के अलावा आर्मी डांस, देश भक्ति नृत्य, पैरेंट्स डेडिकेटेड सांग, हिप-हॉप, फैशन शो के अतिरिक्त छोटे बच्चों ने तारे जमीं पर नामक आकर्षक नृत्य के माध्यम से सुंदर संदेश दिया। सांप्रदायिक एकता को दर्शाते हुए नृत्य नाटिका का मंचन किया गया। आईपीएस प्राचार्य गुप्ता ने कहा कि ये बच्चे पौधों के समान हैं, जो आगे चलकर एक विशाल वृक्ष का रूप धारण करेंगे और समाज को स्वादिष्ट फल प्रदान करेंगे।