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हड़ताल स्थगित, संयुक्त कमेटी करेगी कामर्शियल माइनिंग की समीक्षा

3 वर्ष पहले
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कॉमर्शियल माइनिंग के विरोध में चार श्रमिक संगठनों की 16 अप्रैल की प्रस्तावित हड़ताल स्थगित हो गई है। बैठक में संयुक्त कमेटी बनाकर इस मामले में समीक्षा करने का निर्णय लिया गया। कोयला सचिव के साथ हुई बैठक के बाद चारों यूनियन ने शुक्रवार की देर रात सहमति पत्र में हस्ताक्षर किए। इसके बाद श्रमिक नेताओं ने हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की।

कोयला उद्योग में हड़ताल की तैयारी को लेकर श्रमिक नेताओं ने सरगर्मी तेज कर दी थी। दूसरी तरफ प्रबंधन व कोयला मंत्रालय हड़ताल टालने का लगातार प्रयासरत रहा। गुरुवार को कोयला मंत्री के साथ चार यूनियन एटक, बीएमएस, एचएमएस तथा सीटू के प्रतिनिधि की वार्ता मुंबई के ठाणे में हुई। इस बैठक में ठोस नतीजा नहीं निकल सका। यूनियन प्रतिनिधियों ने वार्ता का रास्ता खोल कर रखा था। कोयला मंत्रालय ने चारों यूनियन के प्रतिनिधियों को दिल्ली में शुक्रवार को वार्ता के लिए पुनः बुलाया। कोयला सचिव के साथ देर रात तक चली वार्ता के बाद यूनियन प्रतिनिधियों ने हड़ताल स्थगित करने की घोषणा कर दी। इस बैठक में दोनों पक्ष के मध्य सहमति बनी कि कोयला मंत्रालय, सीआइएल तथा यूनियन की संयुक्त कमेटी बनेगी। यह कमेटी कॉमर्शियल माइनिंग की समीक्षा करेगी। रिपोर्ट आने के बाद सरकार यूनियन से चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। कोल सचिव के इस प्रस्ताव पर सरकार और यूनियन प्रतिनिधि की एक कमेटी जल्द बनाई जाएगी। कमेटी का फैसला आने के बाद ही सरकार इस पर वार्ता करेगी। यूनियन नेताओं ने कहा कि वार्ता में सकारात्मक निष्कर्ष निकलने के बाद अंतिम निर्णय लिया गया है। सहमति पत्र में दोनों पत्र ने हस्ताक्षर किया। इस बैठक में डॉ. बीके राय, नाथूलाल पांडेय, डीडी रामानंदन तथा रमेंद्र कुमार उपस्थित रहे। कोयला मंत्रालय ने पिछले माह निजी कंपनियों को कोल ब्लॉक आवंटन करने के साथ ही कोयला उत्खनन कर ओपन मार्केट में बेचने की खुली छूट दी थी। इसके बाद चार यूनियन ने संयुक्त रूप से हड़ताल की नोटिस देते हुए कहा कि केंद्र सरकार कॉमर्शियल माइनिंग की छूट देकर सीआइएल को बर्बाद करने जुट गई है। इससे कोयला उद्योग नष्ट हो जाएगा और निजी कंपनी में कार्यरत मजदूरों का शोषण बढ़ेगा।

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