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आज से बिलासपुर मेमू और रायपुर पैसेंजर नहीं चलेगी

3 वर्ष पहले
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रेलखंड कोरबा में यात्रियों की सुविधा के लिए प्रतिदिन 5 जोड़ी पैसेंजर ट्रेन दौड़ती हैं। जबकि 3 नियमित तो 1 द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन हैं। इन ट्रेनों में रोजाना 5 हजार यात्री सफर करते हैं। जिसमें से अधिकांश पैसेंजर ट्रेनों के यात्री होते हैं।

इनके साथ रेल प्रशासन रेल सेवा बाधित करने का इतिहास रचने में लगा है। 15 अप्रैल से 30 मई तक 3 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों को फिर से कैंसिल कर रोजाना सफर करने वाले ढाई हजार यात्रियों के साथ न्याय नहीं कर रहा है। इन यात्रियों को लगातार 46 दिन यात्रा के लिए विकल्प ढूंढ़ना होगा। 18 अप्रैल से वैवाहिक सीजन शुरू होने से छोटे-बड़े स्टेशनों तक सफर करने वाले दोनों दिशाओं के यात्रियों की परेशानी बढ़ जाएगी। इन यात्रियों की चिंता रेल प्रशासन को नहीं है।

जिले से रेलवे का नाता 65 साल पुराना है। इतने वर्षों में पहली बार है जब किसी ट्रेन को इतनी लंबी अवधि तक नहीं चलाया जा रहा है। रेल मंडल बिलासपुर के अफसरों ने जो तर्क दिया है सुरक्षा की दृष्टि से उसे नकार नहीं सकते। सुरक्षित सफर के लिए वह भी जरूरी है। रद्द ट्रेनों के यात्री गंतव्य तक जाने किस ट्रेन का सहारा लेंगे उसके लिए उन्हें स्वयं तैयार रहना होगा। जिन 3 पैसंेजर ट्रेनों को रद्द किया गया है वे सभी यात्रियों की संख्या के लिहाज से अहम हैं। रद्द दिनों में यहां के लोगों को सफर करने के लिए सुबह 8 के स्थान पर 6 बजे वाली ट्रेन पकड़नी होगी। इतना ही नहीं दोपहर 1.30 बजे की ट्रेन पकड़ने वालों को भी सुबह 6 बजे वाली पैसेंजर या फिर 11.25 बजे की पैसेंजर विकल्प रहेगी। ऐसी स्थिति में यहां जाने वाली हर पैसेंजर ट्रेन में दो ट्रेनों के यात्री सफर करेंगे। आधे से अधिक लोगों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ेगी। या फिर लिंक व शिवनाथ एक्सप्रेस में अधिक किराया देकर जाना होगा। याद रहे इन दोनों ट्रेनों में छोटे स्टेशनों के यात्रियों को लाभ नहीं मिलेगा।

65 साल में इतना लंबा ब्रेक लेकर अफसर बना रहे अनदेखी का रिकार्ड, 46 दिन 3 जोड़ी ट्रेनों का फेरा रद्द कर छीन ली सफर की सुविधा
रेल मंत्रालय को जांच करानी चाहिए
जिला चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष रामकिशन अग्रवाल ने कहा बीते 6 माह लगातार 48 दिनों के मेंटेनेंस के बाद लगातार 46 दिन 3 प्रमुख पैसेंजर ट्रेनों को रद्द रखने का निर्णय क्यों लेना पड़ रहा है इसकी जांच रेल मंत्रालय को करानी चाहिए।

ये तीन जोड़ी पैसेंजर ट्रेन हैं प्रभावित
गाड़ी संख्या कहां से कहां तक छूटने का समय

58203 गेवरारोड से रायपुर सुबह 8.15 बजे

58204 रायपुर से गेवरारोड शाम 6.20 बजे

रोज 4039 यात्री लेते हैं अनारक्षित टिकट
कोरबा से रोज औसतन 4039 यात्री अनारक्षित टिकट लेकर सफर करते हैं। इनमें से अधिकांश यात्री पैसेंजर ट्रेनों में यात्रा करते हैं। तीन अहम ट्रेनों के रद्द होने से औसतन ढाई हजार यात्रियों को रद्द के दिनों में बस या किसी अन्य साधन का सहारा लेने मजबूर होना पड़ेगा।

वैवाहिक सीजन में बढ़ेगी परेशानी
18 अप्रैल को अक्षय तृतीय से वैवाहिक सीजन शुरू हो जाएगा। सर्वाधिक मुहूर्त अप्रैल में ही है। 18 को अबुझ मुहूर्त तो 19, 20, 26, 27, 29 को शुभ लग्न होने के कारण अधिक शादियां होंगी। मई में 11 व 12 को ही शादी का लग्न है। अप्रैल में शादी वाले परिवारों में अधिक लोग सफर करेंगे। जो गांव देहात से भी होंगे। उनकी ट्रेन रद्द होने से परेशानी बढ़ जाएगी। ऐसे परिवारों को पहले से ही विकल्प ढूंढ़ना होगा। अन्य स्टेशन पहुंचकर ट्रेन का इंतजार करते रह जाएंगे।

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