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24 स्कूल भवन और अतिरिक्त कक्ष 10 साल बाद भी नहीं बने, निकाले 90 लाख

3 वर्ष पहले
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पाली ब्लाॅक में सर्व शिक्षा अभियान के तहत 24 स्कूल भवन, अतिरिक्त कमरा निर्माण के लिए 90 लाख की मंजूरी दी गई थी, लेकिन एक का भी काम पूरा नहीं हुआ है। निर्माण एजेंसियों ने पूरी राशि निकाल ली। अब भवन खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। दूसरी ओर शिक्षा विभाग का कहना है कि निर्माण एजेंसियों से राशि की वसूली के लिए एसडीएम को प्रतिवेदन दिया गया है।

पाली ब्लाक में वर्ष 2008-09 से 2011-12 में स्कूल भवन निर्माण के लिए ग्राम पंचायत, जनभागीदारी समिति व शाला प्रबंधन समिति को काम सौंपा गया था। अलग-अलग भवनों के लिए अलग-अलग राशि मंजूर की गई थी। निर्माण एजेंसियों ने काम ही पूरा नहीं किया और पूरी राशि ही निकाल ली। समिति में सरपंच, सचिव के साथ शिक्षक भी थे। लेकिन 10 साल गुजर जाने के बाद भी इन भवनों की किसी ने सुध नहीं ली। जिसकी वजह से छात्र-छात्राओं को पुराने भवनों में ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। कई स्थानों पर अन्य मद से भवनों का निर्माण कराया गया है।

ग्राम पंचायत और जनभागीदारी समिति को सौंपा था काम

इन स्कूल के लिए इतनी राशि मंजूर

स्कूल राशि कार्य एजेंसी

प्रायमरी स्कूल सपलवा 4.65 लाख ग्राम पंचायत

प्रायमरी स्कूल उतरदा 4.65 लाख ग्राम पंचायत

प्रायमरी स्कूल बैगा धनुहारपारा 4.65 लाख ग्राम पंचायत

प्रायमरी स्कूल नगौईभाठा 4.65 लाख ग्राम पंचायत

प्रायमरी स्कूल सलिहापारा 4.65 लाख ग्राम पंचायत

अितरिक्त कक्ष प्रायमरी स्कूल नुनेरा 2 लाख ग्राम पंचायत

मिडिल स्कूल चोड़ा 5.43 लाख ग्राम पंचायत

अतििरक्त कक्ष प्रायमरी स्कूल ओढ़ालीडीह 2 लाख स्कूल समिति

अतिरिक्त कक्ष प्रायमरी स्कूल बड़ेबांका 4 लाख स्कूल समिति

अतिरिक्त कक्ष मिडिल स्कूल बड़ेबांका 2 लाख स्कूल समिति

अतििरक्त कक्ष मिडिल स्कूल उड़ता 2 लाख स्कूल समिति

अतिरिक्त कक्ष मिडिल स्कूल बतरा 2 लाख स्कूल समिति

अितरिक्त कक्ष प्रायमरी स्कूल रजकम्मा 2 लाख स्कूल समिति

मिडिल स्कूल भवन पखनापारा 5.17 लाख स्कूल समिति

यह कहते हैं जिम्मेदार

दोषियों के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई: जनपद सदस्य

जनपद सदस्य मिर्जा कय्युम बेग का कहना है कि बिना काम कराए राशि का आहरण करना भ्रष्टाचार में आता है। इसलिए जो भी दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। आर्थिक अनियमितता का भी मामला बनता है।

निर्माण एजेंसियों से वसूली की कार्रवाई जारी: डीईओ

जिला शिक्षा अधिकारी डीके कौशिक का कहना है कि निर्माण एजेंसियों से वसूली के लिए एसडीएम कटघोरा को प्रतिवेदन भेजा गया है। जिन भवनों का निर्माण अधूरा है उसे पूर्ण किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया जारी है।

कुछ लोगों ने जमा कर दी राशि: डीपीसी जायसवाल

सर्व शिक्षा अभियान के डीपीसी रामेश्वर जायसवाल का कहना है कि कुछ निर्माण एजेंसियों की राशि जमा हो गई है। जो भी भवन अधूरे हैं, उन्हें पूर्ण करने के लिए खनिज न्यास मद से प्रस्ताव दिया गया है।

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