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सोनोग्राफी सेंटरों की नियमित होगी जांच गड़बड़ी पाए जाने पर लाइसेंस होगा निरस्त
जिले में संचालित सभी सोनोग्राफी सेंटरों की अब नियमित जांच होगी। पीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले व गड़बड़ी करने वाले सोनोग्राफी सेंटरों का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
यह बात कलेक्टर मो. कैसर अब्दुल हक ने जिला स्तरीय पोस्ट नेटल डाइग्नोस्टिक टेक्निक (पीएनडीटी) सलाहकार समिति की बैठक में कही। कन्या भ्रूण हत्या पर रोक व प्रसव पूर्व लिंग जांच तकनीक के दुरूपयोग की रोकथाम के लिए गठित समिति की बैठक में अपर कलेक्टर प्रियंका महोबिया सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीएस सिसोदिया, जिला पंचायत कोरबा की स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष पुष्पा कंवर सहित सभी सदस्य भी शामिल हुए। कलेक्टर हक ने सोनोग्राफी सेंटरों को शुरू करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी नोडल अधिकारी से ली। उन्होंने पीएनडीटी से संबंधित नोडल अधिकारी को महिने में कम से कम चार सोनोग्राफी सेंटरों की जांच नियमित रूप से करने के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी ने बैठक में बताया कि जिले में कुल 20 सोनोग्राफी सेंटर पंजीकृत हैं। जिनमें से तीन सेंटर 2- डी इको संबंधी जांच करते हैं। शेष 17 सोनोग्राफी सेंटरों में गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। कलेक्टर ने जिले के सभी सोनोग्राफी सेंटरों में होने वाली सोनोग्राफी संबंधी जांचों की नियमित रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित कराने के निर्देश नोडल अधिकारी को दिए। सभी सोनोग्राफी सेंटरों को अपनी हर दिन की रिर्पोट राज्य शासन के बनाए गए वेब पोर्टल पर भी प्रतिदिन इंट्री कराना सुनिश्चित करने को कहा। सोनोग्राफी सेंटरों को जारी किए गये लाइसेंसों में उल्लेखित स्थान व मशीन के मेक, माडल में भी भिन्नता मिलने पर लाइसेंस निरस्तीकरण कर मशीन सील करने की कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार योग्यता रखने वाले प्रशिक्षित डाॅक्टरों से ही सोनोग्राफी कराया जाना सुनिश्चित करने अधिकारियों से कहा। बिना योग्यता व अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित प्रशिक्षण प्राप्त नहीं करने वाले डाॅक्टरों द्वारा सोनोग्राफी सेंटरों में सोनोग्राफी जांच कराये जाने पर सेंटरों का लाइसेंस रद्द किया जाएगा। संबंधित सोनोग्राफी मशीनें सील कर दी जाएगी।
जिले में 20 सोनोग्राफी सेंटर पंजीकृत हैं, तीन सेंटर 2- डी इको जांच करते हैं
भ्रुण लिंग परीक्षण की सूचना देने पर 25 हजार का ईनाम: बैठक में जानकारी दी गई कि प्रसव पूर्व भ्रुण लिंग परीक्षण करने की सूचना देने पर संबंधित सूचनाकर्ता को 25 हजार रुपए का ईनाम दिया जाएगा। ऐसे सूचना कर्ता का नाम पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा। कलेक्टर व पीएनडीटी समिति के अध्यक्ष मो.कैसर अब्दुल हक ने जिले के सोनोग्राफी सेंटरों के संचालक डाॅक्टरों से कहा कि वे अपने सेंटरों में प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण न करें और ऐसे सभी मामलों को हतोत्साहित करें अन्यथा सूचना मिलने पर जांच उपरांत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भास्कर संवाददाता| कोरबा
जिले में संचालित सभी सोनोग्राफी सेंटरों की अब नियमित जांच होगी। पीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले व गड़बड़ी करने वाले सोनोग्राफी सेंटरों का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
यह बात कलेक्टर मो. कैसर अब्दुल हक ने जिला स्तरीय पोस्ट नेटल डाइग्नोस्टिक टेक्निक (पीएनडीटी) सलाहकार समिति की बैठक में कही। कन्या भ्रूण हत्या पर रोक व प्रसव पूर्व लिंग जांच तकनीक के दुरूपयोग की रोकथाम के लिए गठित समिति की बैठक में अपर कलेक्टर प्रियंका महोबिया सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीएस सिसोदिया, जिला पंचायत कोरबा की स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष पुष्पा कंवर सहित सभी सदस्य भी शामिल हुए। कलेक्टर हक ने सोनोग्राफी सेंटरों को शुरू करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी नोडल अधिकारी से ली। उन्होंने पीएनडीटी से संबंधित नोडल अधिकारी को महिने में कम से कम चार सोनोग्राफी सेंटरों की जांच नियमित रूप से करने के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी ने बैठक में बताया कि जिले में कुल 20 सोनोग्राफी सेंटर पंजीकृत हैं। जिनमें से तीन सेंटर 2- डी इको संबंधी जांच करते हैं। शेष 17 सोनोग्राफी सेंटरों में गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। कलेक्टर ने जिले के सभी सोनोग्राफी सेंटरों में होने वाली सोनोग्राफी संबंधी जांचों की नियमित रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित कराने के निर्देश नोडल अधिकारी को दिए। सभी सोनोग्राफी सेंटरों को अपनी हर दिन की रिर्पोट राज्य शासन के बनाए गए वेब पोर्टल पर भी प्रतिदिन इंट्री कराना सुनिश्चित करने को कहा। सोनोग्राफी सेंटरों को जारी किए गये लाइसेंसों में उल्लेखित स्थान व मशीन के मेक, माडल में भी भिन्नता मिलने पर लाइसेंस निरस्तीकरण कर मशीन सील करने की कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार योग्यता रखने वाले प्रशिक्षित डाॅक्टरों से ही सोनोग्राफी कराया जाना सुनिश्चित करने अधिकारियों से कहा। बिना योग्यता व अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित प्रशिक्षण प्राप्त नहीं करने वाले डाॅक्टरों द्वारा सोनोग्राफी सेंटरों में सोनोग्राफी जांच कराये जाने पर सेंटरों का लाइसेंस रद्द किया जाएगा। संबंधित सोनोग्राफी मशीनें सील कर दी जाएगी।