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स्वच्छता के लिए जागरूकता लाने लोगों को प्रेरित करना हम सबका कर्तव्य : देवांगन
स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए आवश्यक है कि हम इसकी उपयोगिता को बताते हुए सभी को स्वच्छता के लिए प्रेरित करे। कोरबा जिला सम्पूर्ण रूप से खुले में शौचमुक्त जिला बन चुका है। घर-घर शौचालय का निर्माण भी हो चुका है। शौचालय का उपयोग नियमित हो इसके लिए स्वच्छता दूत का अभियान जारी रहे तो गांव में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और बढ़ेगी। भविष्य में लोग स्वयं ही सफाई पर ध्यान देंगे व खुले में शौच नहीं जाएंगे।
यह बात संसदीय सचिव लखनलाल देवांगन ने बुधवार को ग्राम्य स्वराज अभियान तहत जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित स्वच्छ भारत दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की आसंदी से कही। कार्यक्रम में कलेक्टर मो. कैसर अब्दुल हक, जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, जनपद अध्यक्ष रेणुका राठिया उपस्थित थे। इस दौरान ग्रामीण समुदाय द्वारा अपने गांव के ओडीएफ के स्थायित्वता बनाए रखना विषय पर संक्षिप्त कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। कलेक्टर मो. हक ने कहा कि हमारे जिले के स्वच्छाग्राहियों ने बिहार राज्य के नवादा जिले में जाकर रिकार्ड शौचालय निर्माण कर मिसाल पेश की है।
जिले के स्वच्छाग्राहियों ने बिहार के नवादा जिले में जाकर रिकार्ड शौचालय निमार्ण कर मिसाल पेश की
जिला पंचायत सभाकक्ष में स्वच्छ भारत दिवस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथि व अन्य।
ओडीएफ घोषित होने के साथ गांव-गांव में बीमारी कम हुई, लोगों के खर्चे बचे
छत्तीसगढ़ के लोगों के सकारात्मक सोच, सहयोग की भावना व ऐसे कार्यों में जनप्रतिनिधियों व समाज सेवियों की सहभागिता की वजह से समय से पहले ही कोरबा जिला व प्रदेश खुले में शौच मुक्त घोषित होकर देश के अन्य राज्यों के लिये आदर्श बन गया है। जिला पंचायत सीईओ चंद्रवाल ने कहा कि ओडीएफ घोषित होने के साथ गांव-गांव में बीमारी कम हुई है। इससे इलाज के नाम पर जो खर्च होता था वह भी नहीं होता। इससे आर्थिक बचत भी होने लगी है। कार्यशाला में सत्याग्रह से स्वच्छता के लिए बिहार जाकर शौचालय का निर्माण करने वाले स्वच्छतादूत प्रवेश कुमार, लोमेश राठौर, मनमोहन चंद्रा, फूलचंद आंनद, मोहनदास पंत ने बिहार में आयोजित गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान जनपद सदस्य प्रभा सिंह, जिला परियोजना अधिकारी साक्षरता सतीश प्रकाश सिंह, शिशिर सामन्त, स्वच्छता प्रेरक उपस्थित थे।
ग्राम खूटाकूड़ा व कटघोरा ब्लाक सबसे पहले बना ओडीएफ
जिले के पांचों ब्लाक व 390 ग्राम पंचायत शत प्रतिशत ओडीएफ घोषित हो चुके है। जिले में सभी जनपद में कुल एक लाख 43 हजार 906 शौचालय बनाए गए है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 52 हजार 59, मनरेगा अंतर्गत 51 हजार 538, जिला खनिज न्यास से 26 हजार 189, चौदहवें वित्त से 6431, निगमित सामाजिक उत्तर दायित्व के तहत 5994, एचडीएफसी 1241, एसईसीएल अंतर्गत 481 शौचालय निर्मित किए गए है। जिले में सबसे पहले करतला ब्लाक के ग्राम खूटाकूड़ा को तीन सितंबर 2015 को ओडीएफ घोषित किया गया। इसी तरह कटघोरा ब्लाक को दो अक्टूबर 2016 में ओडीएफ घोषित हुआ। कटघोरा ब्लाक के तहत 54 ग्राम पंचायतों में से सभी 103 ग्राम ओडीएफ घोषित हो चुके है।
स्वच्छ भारत दिवस कार्यक्रम में 50 स्वच्छाग्राहियों का सम्मान किया गया। सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। इस दौरान ओडीएफ स्थायित्वता जागरूकता बाइक रैली निकाली गई। संसदीय सचिव, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जनपद अध्यक्ष ने हरी झंडी दिखाकर रैली का शुभारंभ किया। रैली पाली से पड़निया, भलपहरी, जपेली, रंगबेल, बाता, खोडरी, गेवरा बस्ती, बांकीमोंगरा, शुक्लाखार होकर ढेलवाडीह तक निकाली गई। ग्राम ढेलवाडीह में रैली का समापन किया गया। स्वच्छ भारत दिवस अन्तर्गत सभी 390 ग्राम पंचायतों में स्वच्छता दीप प्रज्जवलन, स्वच्छता सभा का आयोजन व स्वच्छता शपथ ग्रहण, सामूहिक श्रमदान से गांव की गलियों की साफ-सफाई, पेयजल स्त्रोतों के आसपास की सफाई व गंदे पानी के निकासी की उपयुक्त व्यवस्था, मानव श्रृंखला, जनपद स्तरीय कार्यक्रम में बाइक रैली का आयोजन किया गया। अब स्वच्छतादूतों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। जब बाहर जाकर अच्छा काम कर सकते है तो अपने जिले में अपने लोगों के बीच गांव-गांव जाकर स्वच्छता के लिए और भी बेहतर ढंग से कार्य कर सकते है।
ओडीएफ स्थायित्वता जागरूकता रैली निकाली