विकास यात्रा कार्यक्रम के लिए पूर्व मंे 20 मई को घंटाघर मैदान में प्रस्तावित छजकां सुप्रीमो अजीत जाेगी की सभा को जिला प्रशासन ने रद्द किया था। इससे पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता सीएम डॉ.रमनसिंह के रोड शो के दौरान काला झंडा दिखाने वाले थे। इसके लिए रविवार की दोपहर 3 बजे छजकां कोरबा लोकसभा प्रभारी ज्ञानेंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में कोरबा विधानसभा प्रभारी पवन अग्रवाल, कटघोरा विधानसभा प्रभारी दीपनारायण सोनी, महिला जिलाध्यक्ष अनारकली भार्गव, जिला उपाध्यक्ष सुगना बर्मन सहित ब्लाक अध्यक्ष वैभव शर्मा, मनीराम जांगड़े, विशाल शुक्ला, भुनेश्वर राज, अमित सिन्हा समेत अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता पुराना बस स्टैंड के पास जुटने लगे थे। दूसरी ओर उन्हें रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल वहां लगाई गई थी। मुख्यमंत्री के काफिला जैसे-जैसे शहर के नजदीक आने लगा। छजकां नेताआंे-पदाधिकारियों की भीड़ बढ़ती गई। काला झंडा न दिखाया जा सके इसके लिए पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी शुरू कर दी। गिरफ्तार नेताओं व कार्यकर्ताओं को अधिग्रहित स्कूल बसों में भरकर पुलिस लाइन में बने अस्थाई जेल ले गए। जहां उन्हें देर तक रखा गया। शहर में विकास यात्रा कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद सभी को जमानत मुचलका में रिहा किया गया।
कार्यक्रम फ्लाफ होने से बचाने रणनीति
छजकां के कोरबा लोकसभा प्रभारी ज्ञानेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि पहले 19 मई को मुख्यमंत्री का कार्यक्रम घंटाघर मैदान में घोषित था। इसके एक दिन बाद 20 मई को उसी मैदान पर अजीत जोगी की सभा तय थी। लेकिन रायपुर व पेंड्रा में अजीत जाेगी की सभा में उमड़ी भीड़ से भाजपाई डर गए और कार्यक्रम फ्लाप होने से बचाने रणनीति बनाकर 20 मई को घंटाघर मैदान में कार्यक्रम रखकर अजीत जोगी के सभा के लिए घंटाघर मैदान के आरक्षण को निरस्त कराया गया।
पार्टी ने बताई 5 सौ से ज्यादा की गिरफ्तारी
िवकास यात्रा के दौरान रोड शो काे काला झंडा दिखाने से पहले गिरफ्तारी के बाद छजकां की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में 550 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी बताई। जबकि दूसरी एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने 127 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। जिसमें 23 महिला कार्यकर्ता शामिल है।