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पीलिया से बचने वार्डों में बदल रहे पुराने पाइप लाउड स्पीकर से लोगों को कर रहे जागरूक
शहर के दर्री रोड क्षेत्र में नाली के आसपास पानी की पाइप लाइन लीकेज होने पर पीलिया फैल गई थी। करीब एक पखवाड़े पहले जब दो मरीज गंभीर होकर जिला अस्पताल दाखिल हुए तो प्रशासन काे इसकी जानकारी हुई। अगले दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में शिविर लगाकर हेल्थ चेकअप किया तो दर्जनों लोग पीलिया से ग्रसित मिले थे। जिनमें से कुछ गंभीर स्थिति में थे। िजन्हें जिला अस्पताल दाखिल कराया गया। जहां स्वस्थ होने पर मरीजों को छुट्टी दे दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने पीलिया से ज्यादा प्रभावित मरीजों के घर से जो पानी का सैंपल लिया था जांच में वह दूषित मिला। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला शहरी क्षेत्र के हर वार्ड में शिविर लगाकर संभावित मरीजों का जांच कर रहा है। हालांकि नए मरीज नहीं मिल रहे हैं। दूसरी ओर नगर निगम ने भी पीलिया फैलने से रोकने के लिए कई वार्ड में नाली के अासपास से गुजरी एेसी पाइप लाइन को बदलना शुरू कर दिया है जो बहुत पुरानी और जर्जर हालत में है। ऐसे क्षेत्र में नई पाइप लाइन बिछाकर घरों में उससे पानी सप्लाई का कनेक्शन दिया जा रहा है। वहीं आटो से लाऊड स्पीकर के जरिए सभी वार्डो में मुनादी करवाकर लोगों को स्वच्छ पानी पीने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पीलिया से बचने के लिए सर्तक रहने के उपाय भी बताए जा रहे हैं।
गंदे पानी का असर 15 से 45 दिन तक, अनदेखी से खतरा
पीलिया होने का प्रमुख कारण गंदा पानी या इससे बनने वाले बर्फ या पेय पदार्थ होते हैं। इसलिए गर्मी के सीजन में पीलिया होने की शिकायत होती है। डॉक्टरों के अनुसार गंदे पानी का सेवन करने के 15 दिन से 45 दिन के भीतर पीलिया का लक्षण शरीर में दिखने लगती है। त्वरित चिकित्सा से पीलिया जल्द दूर हो जाता है। लेकिन अनदेखी करने से मर्ज बढ़ता जाता है।
भास्कर संवाददाता। कोरबा
शहर के दर्री रोड क्षेत्र में नाली के आसपास पानी की पाइप लाइन लीकेज होने पर पीलिया फैल गई थी। करीब एक पखवाड़े पहले जब दो मरीज गंभीर होकर जिला अस्पताल दाखिल हुए तो प्रशासन काे इसकी जानकारी हुई। अगले दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में शिविर लगाकर हेल्थ चेकअप किया तो दर्जनों लोग पीलिया से ग्रसित मिले थे। जिनमें से कुछ गंभीर स्थिति में थे। िजन्हें जिला अस्पताल दाखिल कराया गया। जहां स्वस्थ होने पर मरीजों को छुट्टी दे दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने पीलिया से ज्यादा प्रभावित मरीजों के घर से जो पानी का सैंपल लिया था जांच में वह दूषित मिला। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला शहरी क्षेत्र के हर वार्ड में शिविर लगाकर संभावित मरीजों का जांच कर रहा है। हालांकि नए मरीज नहीं मिल रहे हैं। दूसरी ओर नगर निगम ने भी पीलिया फैलने से रोकने के लिए कई वार्ड में नाली के अासपास से गुजरी एेसी पाइप लाइन को बदलना शुरू कर दिया है जो बहुत पुरानी और जर्जर हालत में है। ऐसे क्षेत्र में नई पाइप लाइन बिछाकर घरों में उससे पानी सप्लाई का कनेक्शन दिया जा रहा है। वहीं आटो से लाऊड स्पीकर के जरिए सभी वार्डो में मुनादी करवाकर लोगों को स्वच्छ पानी पीने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पीलिया से बचने के लिए सर्तक रहने के उपाय भी बताए जा रहे हैं।
शुद्ध पानी मिले इसके लिए किए जा रहे हैं प्रयास
नगर निगम के जलप्रदाय विभाग के प्रभारी आरके महेश्वरी ने बताया कि शहर में सभी लोगों को स्वच्छ पानी मिले इसके लिए शुद्धीकरण पर खास ध्यान दिया जाता है। पुराने पाइप लाइन के लीकेज होने की शिकायत रहती है इसलिए सभी वार्डों में पुरानी लाइन हटाकर नए पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है। जो नाली से दूर लगाए जा रहे हैं।
सभी वार्डो में लगा रहे स्वास्थ्य शिविर, बांटी जा रही दवाएं
जिला महामारी नियंत्रण विभाग के प्रभारी डॉ. राकेश अग्रवाल ने बताया कि शहर में एक क्षेत्र में ही बल्क में पीलिया के मरीज मिले थे। जहां स्थिति सामान्य है। दूषित पानी के कारण ही पीलिया फैला था। दूसरे वार्डो में भी लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। नए मरीज नहीं मिल रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य टीम अलर्ट है।