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उद्दघाटन के बिना इंडोर आडिटोरियम में कांग्रेस का संकल्प शिविर, भाजपा ने कहा-रिपोर्ट हो
इंदिरा स्टेडियम परिसर में स्थित इंडोर आडिटोरियम में सोमवार को हुआ कांग्रेस का संकल्प शिविर निगम के एक पत्र से विवादों में आ गया। सभापति चुनाव में मात खाई भाजपा को घेरने का एक और मौका मिल गया। नेता प्रतिपक्ष के साथ भाजपाईयों ने एसपी व कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बिना उद्घाटन के जबरिया कार्यक्रम कराने का आरोप लगाते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष के साथ विधायक व महापौर के खिलाफ रिपोर्ट करने ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपाई पहले सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पढ़ लें, जिसमें एक्सप्रेस-वे के मामले में कहा था कि अगर प्रधानमंत्री मोदी के पास समय नहीं है तो आम जनता के लिए खोल दिया जाए। नगर निगम ने 8 करोड़ की लागत से निगम परिसर में इंडोर आडिटोरियम का निर्माण कराया है। एमआईसी ने इसका किराया भी तय कर दिया है। एक दिन का किराया 50 हजार रुपए है। सोमवार को कांग्रेस का संकल्प शिविर आयोजित किया गया। जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अरूण उरांव, पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. चरणदास महंत, कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामदयाल उइके, विधायक जयसिंह अग्रवाल, दिलीप लहरिया, चुन्नीलाल साहू, महापौर रेणु अग्रवाल शामिल हुए। इसी बीच भाजपा को निगम के संपदा अधिकारी का 13 मई को जारी पत्र हाथ लग गया। जिसमें महापौर को लिखा गया है कि 19 मई को सीएम इंडोर आडिटोरियम का उद्घाटन करेंगे। इस वजह से आडिटोरियम को कार्यक्रम के लिए नहीं दिया जा सकता। इसकी प्रतिलिपि कलेक्टर, एसपी को भी दी गई है। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि ऐसा कोई पत्र ही नहीं मिला है। इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष योगेश जैन, भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सदस्य मनोज परासर, एल्डरमेन रविन्द्र सोन, नरेन्द्र कुमार वाकड़े, अनिल कुमार मिश्रा, पार्षद दिनेश वैष्णव एसपी व कलेक्टर से मिले। उन्होंने आडिटोरियम का जबरिया उपयोग करने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की।
निगम ने संडे को अनुमति नहीं देने के लिए महापौर को लिखा था पत्र
विकास कार्यों को पचा नहीं पा रहे भाजपाई, इसलिए है बौखलाहट
जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद ने कहा है कि भाजपा सरकार से जुड़े नेता सत्ता के नशे में मदहोश हंै। नियम विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। निगम स्वतंत्र संस्था है। मेयर इन कौंसिल को अधिकार प्राप्त हैं। आडिटोरियम को आम जनता के लिए देने शुल्क भी निर्धारित कर दिया है। भाजपाई नहीं चाहते कि निगम का राजस्व बढ़े। असफलता को छुपाने के लिए इस तरह का आरोप लगा रहे हैं।
भास्कर संवाददाता| कोरबा
इंदिरा स्टेडियम परिसर में स्थित इंडोर आडिटोरियम में सोमवार को हुआ कांग्रेस का संकल्प शिविर निगम के एक पत्र से विवादों में आ गया। सभापति चुनाव में मात खाई भाजपा को घेरने का एक और मौका मिल गया। नेता प्रतिपक्ष के साथ भाजपाईयों ने एसपी व कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बिना उद्घाटन के जबरिया कार्यक्रम कराने का आरोप लगाते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष के साथ विधायक व महापौर के खिलाफ रिपोर्ट करने ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपाई पहले सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पढ़ लें, जिसमें एक्सप्रेस-वे के मामले में कहा था कि अगर प्रधानमंत्री मोदी के पास समय नहीं है तो आम जनता के लिए खोल दिया जाए। नगर निगम ने 8 करोड़ की लागत से निगम परिसर में इंडोर आडिटोरियम का निर्माण कराया है। एमआईसी ने इसका किराया भी तय कर दिया है। एक दिन का किराया 50 हजार रुपए है। सोमवार को कांग्रेस का संकल्प शिविर आयोजित किया गया। जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अरूण उरांव, पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. चरणदास महंत, कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामदयाल उइके, विधायक जयसिंह अग्रवाल, दिलीप लहरिया, चुन्नीलाल साहू, महापौर रेणु अग्रवाल शामिल हुए। इसी बीच भाजपा को निगम के संपदा अधिकारी का 13 मई को जारी पत्र हाथ लग गया। जिसमें महापौर को लिखा गया है कि 19 मई को सीएम इंडोर आडिटोरियम का उद्घाटन करेंगे। इस वजह से आडिटोरियम को कार्यक्रम के लिए नहीं दिया जा सकता। इसकी प्रतिलिपि कलेक्टर, एसपी को भी दी गई है। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि ऐसा कोई पत्र ही नहीं मिला है। इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष योगेश जैन, भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सदस्य मनोज परासर, एल्डरमेन रविन्द्र सोन, नरेन्द्र कुमार वाकड़े, अनिल कुमार मिश्रा, पार्षद दिनेश वैष्णव एसपी व कलेक्टर से मिले। उन्होंने आडिटोरियम का जबरिया उपयोग करने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की।
बड़ा सवाल : आवंटित नहीं तो कैसे खुल गया इंडोर आडिटोरियम
निगम में कांग्रेस की सत्ता है। इसी वजह से भाजपा मुद्दे ढूंढकर घेरने का प्रयास करती है। दूसरी ओर निगम के अधिकारी भी दबाव में रहते हैं। इसी से साफ हो गया है कि जब आवंटित नहीं था तो आडिटोरियम को कैसे खोल दिया गया। इसके बाजू में ही टीपी नगर जोन का दफ्तर है। लेकिन किसी ने इस पर अापत्ति नहीं जताई।
एमआईसी ने आवंटन शुल्क किया था निर्धारित
नगर निगम के एमआईसी ने आडिटोरियम के लिए आम जनता को आवंटन करने शुल्क निर्धारित किया था। एक दिन का 50 हजार रुपए, दो दिन का 75 हजार व तीन दिन का 1 लाख निर्धारित है। उद्घाटन नहीं हुआ था। जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद ने 8 मई को आिडटोरियम को आवंटित करने महापौर को पत्र लिखा था। महापौर ने यह पत्र निगम के संपदा अधिकारी को भेज दिया था।
निगम आयुक्त बोले-वैधानिक कार्रवाई होगी
रायपुर बैठक में गए निगम आयुक्त का कहना है कि मैं अभी बाहर हूं। अगर बिना अनुमति के किसी प्रकार का कार्यक्रम हुआ है तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर जोन कमिश्नर ने भी कह दिया कि मैं अभी बाहर हूं। लौटकर ही कुछ बता सकता हूं।