रामपुर जलाशय के लिए 12 किलोमीटर बनेगी नहर, 14 गांवों को मिलेगा पानी
पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक में निर्माणाधीन रामपुर जलाशय के लिए 12 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण कराया जा रहा है। हेड वर्क के पहले नहर निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है। जलाशय से 14 गांव की 2 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। इसके लिए प्रशासन से 79.54 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। रामपुर जलाशय अब तक की सबसे बड़ी लघु सिंचाई योजना है। इसका लाभ कटघोरा ब्लाक के गांव को मिलेगा। लंबे समय से अटके होने के कारण इसकी लागत बढ़ गई। पहले बंड व हेड वर्क में 22 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। ग्रामीणों के विरोध के साथ ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने के कारण लागत बढ़ गई थी। इस वजह से जल संसाधन विभाग ने संशोधित प्रस्ताव भेजा था। राज्य शासन ने इसके लिए राशि की मंजूरी मिलने के बाद नहर का निर्माण कराया जा रहा है। इसका निर्माण मार्च 2019 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बनने से कटघोरा ब्लाक के एक बड़े हिस्से में सूखे की स्थिति नहीं रहेगी। विभाग के ईई का कहना है कि समय सीमा में कार्य पूर्ण हो जाए इसका प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों का विरोध व जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने बढ़ी थी लागत
नहर बनाने के लिए मिट्टी खुदाई का काम शुरू।
डुबान में अंबिकापुर सड़क, पुल की ऊंचाई बढ़ी: रामपुर जलाशय के डुबान में अंबिकापुर मार्ग की सड़क भी आ रही है। तानाखार से चंदनपुर के बीच पुल डुबान में आ रहा है। नेशनल हाइवे ने पुल की ऊंचाई बढ़ा दी है। ऊंचाई 70 सेंटीमीटर अधिक होगी तो विभाग को पुल बनाने जरूरत नहीं होगी। चौड़ीकरण व पुल-पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने का काम जारी है। इस वजह से अलग से पुल बनाने की जरूरत नहीं होगी।
भास्कर संवाददाता| कोरबा
पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक में निर्माणाधीन रामपुर जलाशय के लिए 12 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण कराया जा रहा है। हेड वर्क के पहले नहर निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है। जलाशय से 14 गांव की 2 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। इसके लिए प्रशासन से 79.54 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। रामपुर जलाशय अब तक की सबसे बड़ी लघु सिंचाई योजना है। इसका लाभ कटघोरा ब्लाक के गांव को मिलेगा। लंबे समय से अटके होने के कारण इसकी लागत बढ़ गई। पहले बंड व हेड वर्क में 22 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। ग्रामीणों के विरोध के साथ ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने के कारण लागत बढ़ गई थी। इस वजह से जल संसाधन विभाग ने संशोधित प्रस्ताव भेजा था। राज्य शासन ने इसके लिए राशि की मंजूरी मिलने के बाद नहर का निर्माण कराया जा रहा है। इसका निर्माण मार्च 2019 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बनने से कटघोरा ब्लाक के एक बड़े हिस्से में सूखे की स्थिति नहीं रहेगी। विभाग के ईई का कहना है कि समय सीमा में कार्य पूर्ण हो जाए इसका प्रयास किया जा रहा है।
2 गांवों को विस्थापित करेंगे ग्रामीण अधिक भूमि मांग रहे
रामपुर जलाशय से रामपुर व डंगनिया गांव के ग्रामीण विस्थापित होंगे। इसके लिए खुटरीगढ़ के पास 64 हेक्टेयर का प्लाट चिन्हित किया गया है। ग्रामीणों को मुआवजा प्रकरण भी तैयार किया जा रहा है। ग्रामीण 5 डिसमिल की बजाए अधिक जमीन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि परिवार अब बढ़ गया है।
बायीं व दायीं तट नहर 6-6 किलोमीटर की होगी
रामपुर जलाशय का सबसे अधिक लाभ कटघोरा ब्लाक के ग्रामीणों को मिलेगा। बायीं व दायीं तट नहर 6-6 किलोमीटर की होगी। एक नहर जेंजरा के पास से निकलेगी। इसके लिए सड़क को काटना पड़ेगा। दूसरी नहर कटघोरा के पास से ही बांकीमोंगरा की ओर जाएगी। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।