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7 राज्यों के पर्वतों को नापने वाली एडविना का लक्ष्य एवरेस्ट फतह करना

3 वर्ष पहले
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साढ़े आठ साल की नन्हीं एडविना का सपना माउंट एवरेस्ट फतह करना है। इस लक्ष्य को लेकर चल रही है। वह अपने नन्हें कदमों छत्तीसगढ़ समेत देश के 7 राज्यों की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखला को नाप चुकी है। अगला कदम भारत-पाकिस्तान की सीमा को बांटने वाला खारदुंगला पर्वत चढ़ाई चढ़ना है। जिसकी राह आसान नहीं है।

एडविना अभी सात दिवसीय शिखर अभियान के तहत जिले की ऊंची 26 पहाड़ियों की चढ़ाई चढ़ रही है। इसमें से 21 पहाड़ियों की चढ़ाई पूरी कर चुकी है। कटघोरा के बिसनपुर निवासी एडविना के पिता रामकुमार कांत ने बताया कि केंद्र सरकार ने इसके पहले बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए ब्रांड एम्बेस्डर बनाया था। कटघोरा ब्लॉक के ग्राम बिसनपुर निवासी एडविना वर्तमान में सक्ती के एक निजी स्कूल में अध्ययनरत है। 7 राज्यों की जिन ऊंची पर्वत श्रंृखला को फतह कर चुकी है उनमें छत्तीसगढ़ का गौरलाटा, मध्यप्रदेश का धूपगठ, महाराष्ट्र का कालसूबाई, झारखंड का समवेत शिखर, उड़ीसा का देवमाली, राजस्थान का गुरुशिखर व केरल का अन्नामुण्डी पर्वत शामिल है। कुमड़ पहाड़ जो उड़ीसा व छत्तीसगढ़ तक फैला है। रायगढ़ के मंदिर पहाड़ से कोरबा के लाफागढ़ (चैतुरगढ़) तक फैले 63 पर्वत शिखरों की चढ़ाई प्रशिक्षण के रूप में पूरी कर चुकी है।

केंद्र सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का बनाया था ब्रांड एम्बेस्डर

अपने सहयोगियों के साथ एडविना।

अब आर्थिक संकट, सीएम से मुलाकात करके बताएंगे समस्या

पर्वतारोहियों के लिए सबसे बड़ी समस्या बजट की होती है। आर्थिक कमी के कारण वे चाहकर भी आगे की मंजिल तय करने में सफल नहीं हो पाते हैं। यह समस्या अब एडविना के समक्ष में आने लगी है। लोगों के सहयोग व स्वयं के खर्च से लगातार 4 साल से पर्वतारोहण करने वाली एडविना के पिता रामकुमार कांत भी चाहते हैं कि उनकी बेटी के लक्ष्य को पूरा करने मदद मिलेे। 20 मई को सीएम के कोरबा प्रवास के दौरान उनसे मिलकर समस्या बताएंगे।

भास्कर संवाददाता। कोरबा

साढ़े आठ साल की नन्हीं एडविना का सपना माउंट एवरेस्ट फतह करना है। इस लक्ष्य को लेकर चल रही है। वह अपने नन्हें कदमों छत्तीसगढ़ समेत देश के 7 राज्यों की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखला को नाप चुकी है। अगला कदम भारत-पाकिस्तान की सीमा को बांटने वाला खारदुंगला पर्वत चढ़ाई चढ़ना है। जिसकी राह आसान नहीं है।

एडविना अभी सात दिवसीय शिखर अभियान के तहत जिले की ऊंची 26 पहाड़ियों की चढ़ाई चढ़ रही है। इसमें से 21 पहाड़ियों की चढ़ाई पूरी कर चुकी है। कटघोरा के बिसनपुर निवासी एडविना के पिता रामकुमार कांत ने बताया कि केंद्र सरकार ने इसके पहले बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए ब्रांड एम्बेस्डर बनाया था। कटघोरा ब्लॉक के ग्राम बिसनपुर निवासी एडविना वर्तमान में सक्ती के एक निजी स्कूल में अध्ययनरत है। 7 राज्यों की जिन ऊंची पर्वत श्रंृखला को फतह कर चुकी है उनमें छत्तीसगढ़ का गौरलाटा, मध्यप्रदेश का धूपगठ, महाराष्ट्र का कालसूबाई, झारखंड का समवेत शिखर, उड़ीसा का देवमाली, राजस्थान का गुरुशिखर व केरल का अन्नामुण्डी पर्वत शामिल है। कुमड़ पहाड़ जो उड़ीसा व छत्तीसगढ़ तक फैला है। रायगढ़ के मंदिर पहाड़ से कोरबा के लाफागढ़ (चैतुरगढ़) तक फैले 63 पर्वत शिखरों की चढ़ाई प्रशिक्षण के रूप में पूरी कर चुकी है।

सतपुड़ा, सहाद्री समेत इन पहाड़ियों की चढ़ाई कर चुकी है

अपनी क्षमता व आत्मविश्वास से एडविना ने रावली, सतपुड़ा, सहाद्री, सिहावा, समवेत शिखर, विध्यांचल, अन्नामुंडी, कुमड़ पहाड़, रामगढ़ व अमरकंटक की पहाड़ियां चढ़ चुकी है। अगला कदम भारत-पाकिस्तान के बाॅर्डर पर स्थित 18380 फीट ऊंची बर्फीली पर्वत श्रंृखला को नापने का है। जिसकी तैयारी पर्वतारोही पिता रमाकांत के मार्गदर्शन में कर रही है।

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