योग एक प्राचीन कला है। इससे हम अपने शरीर व मन को स्वस्थ तथा सुदृढ़ बना सकते हैं। योगाचार्य डॉ.डीके आनंद हर साल योग व ध्यान की क्रिया शहरवासियों को नि:शुल्क सिखाते हैं। इस क्रिया को अपनी दिनचर्या में अपनाने से लंबी उम्र तक स्वस्थ रहा जा सकता है। लोग स्वस्थ्य रहें इसी उद्देश्य से शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर 27 मई तक चलेगा।यह बात योग ध्यान शिविर के शुभारंभ अवसर पर रविवार को नगर निगम के सेवानिवृत्त आयुक्त अशोक शर्मा ने कही। उन्होंने बताया कि योग ध्यान की कला एक विज्ञान है। योग वैज्ञानिक पद्धति से सीखा जाता है। गुरूकूल योग एवं एक्यूप्रेशर संस्थान के तत्वावधान में 8 दिवसीय योग ध्यान शिविर के पहले दिन सीनियर क्लब सीएसईबी पूर्व में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। शुभारंभ के एसके अग्रवाल, संदीप सिंह, अरूण त्रिपाठी, विरेन्द्र सिंह, एसके सोनपूरे, पीएन शर्मा, सविता गर्ग, जयश्री आनंद उपस्थित थे। डॉ.आनंद ने बताया कि योग विज्ञान संपूर्ण रूप से हमारे शरीर, मन दोनों को स्वस्थ रखने के लिए पद्धति बनाई गई हैै जिसे हम सभी को प्रत्येक दिन करना चाहिए। योगासन व प्राणायाम को करने से शरीर की सभी ग्रंथियांे में संतुलित रूप से श्राव होता है। जिससे हमारे शरीर के आंतरिक व बाहरी सभी अंग ठीक से कार्य करते हैं। योग जीवन जीने की कला है इसे सभी को सीखना चाहिए।