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अंतिम दौर में हंै कोरबा पूर्व प्लांट में 50-50 मेगावाट की दो इकाइयां, प्रदूषण के कारण की जाएंगी बंद

3 वर्ष पहले
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प्रदूषण कारणों से कोरबा ईस्ट पावर प्लांट की 50-50 मेगावाट इकाइयों से इस साल के आखिर तक बिजली उत्पादन बंद करने की तैयारी कर ली गई है। 440 मेगावाट क्षमता वाले कोरबा पूर्व प्लांट में वर्तमान में 50-50 मेगावाट की दो इकाई व 120-120 मेगावाट की दो इकाई से बिजली उत्पादन किया जा रहा है। कोरबा ईस्ट पावर प्लंाट एमपीईबी के दौर में 1966 से 1981 के बीच स्थापित हुआ। इस बिजली प्लांट के साथ जिले में औद्याेगिक विकास ने भी रफ्तार पकड़ी थी। प्लांट में 50-50 मेगावाट की 4 व 120 मेगावाट की दो इकाईयां है। करीब 18 वर्ष पहले इनका नवीनीकरण हुआ था। अब ये इकाईयां अपने अंितम दौर पर है। 50-50 मेगावाट की दो इकाई से बिजली उत्पादन तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए पहले से ही बंद कर दिया गया है। जबकि 50-50 मेगावाट की दो अन्य इकाई को भी इस साल के आखिर तक बंद किए जाने की संभावना है। िजसके बाद यहां 120-120 मेगावाट यूनिट ही उत्पादन में रह जाएंगे। हालांकि ये दोनों इकाई भी पुरानी हैं। जानकार कहते है कि अगर प्लंाट की इकाइयां बंद होती है तो यहां 500 या 600 मेगावाट का नया पावर प्लंाट इसका विकल्प हो सकता है। इस दिशा में सबसे बड़ी समस्या राख व्यवस्थापन की रहेगी। जिसके लिए एक बड़ी कार्ययोजना की जरूरत पड़ेगी।

कर्मचारियों की संख्या में कमी आई: जनरेशन कंपनी के 440 मेगावाट कोरबा पूर्व प्लंाट में करीब 700 अधिकारी कर्मचारी कार्यरत हैं। दो साल पहले तक यहां 1500 से अधिक कर्मचारी थे। मड़वा प्लंाट बनने के बाद यहां के ज्यादातर कर्मचारियों का स्थानांतरण वहां हो गया। इसके साथ ही सैकड़ों कर्मचारी रिटायर हो गए।

प्लंाट की स्थापना पर एक नजर

इकाई क्षमता स्थापना वर्ष वर्तमान स्थिति

1. 50 1966 उत्पादन बंद

2. 50 1967 उत्पादन बंद

3. 50 1968 चालू

4. 50 1968 चालू

5. 120 1976 चालू

6. 120 1981 चालू

(नोट: क्षमता मेगावाट में)

पर्यावरण संरक्षण मंडल के साथ एनजीटी ने दिया था निर्देश

प्रदूषण को लेकर पहले भी सीईसीबी ने कोरबा पूर्व प्लंाट को बंद करने के लिए क्लोजर नोटिस दिया था। एनजीओ की ओर से भी एनजीटी में याचिका लगाई गई थी। प्रबंधन ने भी प्लांट चालू रखने के लिए अपील किया था। प्रदूषण कारणों से पुराने इकाइयों का संचालन बंद करने के संकेत प्रबंधन ने भी दिए थे। विकास यात्रा के तहत जिले के प्रवास पर पहुुंचे सीएम ने भी कहा है कि प्रदूषण कारणों से पूर्व प्लांट में 50-50 मेगावाट की इकाईयों को बंद करना पड़ेगा। यह तय हो गया है कि एक-एक कर प्लांट की 50 मेगावाट की दूसरी इकाइयां बंद हो जाएगी।

कोरबा पूर्व व एचटीपीपी में लगे नया प्लांट : सईद

जनता यूनियन के प्रांतीय सचिव एसए सईद ने कहा कि संगठन की ओर से जनरेशन कंपनी के नए एमडी केआरसी मूर्ति को ज्ञापन साैंपकर कोरबा पूर्व प्लांट में 50-50 मेगावाट की पुरानी इकाइयों के बंद होने के बाद यहां कंपनी को 600 मेगावाट का नया प्लंाट बनाना चाहिए। इसी तरह एचटीपीपी प्लांट की पुरानी इकाई बंद होने की स्थिति में वहां भी 600 मेगावाट प्लांट लगानी चाहिए।

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