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विद्युत गृह स्कूल को अब उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्था को सौंपने फिर उठी मांग

3 वर्ष पहले
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राज्य पावर जनरेशन कंपनी के विद्युत गृह स्कूल को उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्था को सौंपने की मांग ने जाेर पकड़ ली है। कनिष्ठ अभियंता संघ व अभिभावक संघ के लोगों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नाम उनके निज सचिव को ज्ञापन सौंपकर यह मांग दोहराई है। कुछ दिन पहले उत्पादन कंपनी के नए एमडी केआरसी मूर्ति को भी पत्र सौंपकर मांग रखी थी।

बिजली कंपनी के कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई के लिए कोरबा पूर्व व एचटीपीपी काॅलोनी परिसर में स्कूल संचालित है। बिजली प्लांट स्थापना के बाद से स्कूल की स्थापना की गई थी। स्कूल का संचालन शुरुआत से ही विद्युत गृह शिक्षा समिति के माध्यम से किया जाता है। कनिष्ठ अभियंता संघ व अभिभावक संघ सहित कंपनी में सक्रिय अन्य श्रमिक संगठनों का कहना है कि अब स्कूल में पहले जैसी पढ़ाई नहीं होती है। इसलिए इसे किसी अन्य उच्च स्तरीय शिक्षा संस्थान को सौंपकर इसका संचालन किया जाना चाहिए। ताकि बिजली कर्मियाें के बच्चों को बेहतर शिक्षा दिया जा सके।

दो साल से चल रही है तैयारी, हुआ था विरोध: बिजली उत्पादन कंपनी ने दो साल पहले ही विद्युत गृह स्कूल को बंद करने की तैयारी शुरू की थी। स्कूल स्टॉफ के विरोध चलते प्रक्रिया पर विराम लग गया था। यूनियन भी इसके विरोध में सामने आए थे। लेकिन यूनियन अब खुद स्कूल को किसी अन्य उच्च स्तरीय शिक्षा संस्थान को सौंपने की मांग कर रहे हैं। स्कूल में नई भर्ती पहले से ही बंद हो गई है। ऐसे में संभावना है कि स्कूल का संचालन आने वाले समय में बंद हो सकता है।

पिछले 50 वर्ष से हो रहा स्कूल का संचालन

कोरबा पूर्व विद्युत गृह स्कूल की स्थापना 1967 में हुई थी। वहीं एचटीपीपी के स्कूल को भी 30 वर्ष से अधिक हो गए हैं। दोनों ही स्कूल काफी पुराने हंै। आरंभ से ही निर्बाध रूप से इन स्कूलों का संचालन किया जाता रहा है। स्कूल में 100 से ज्यादा स्टाफ है। दोनों स्कूल में लगभग 1 हजार बच्चे पढ़ते हंै। हालांकि इस संख्या में और कमी आ गई है।

संघ ने कहा मांग पर चर्चा का आश्वासन मिला है

पात्रोपाधि व अभिभावक संघ के सदस्यों ने बताया कि मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन निजी सचिव को सौंपा गया। जिसमें उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस विषय पर जरूर चर्चा की जाएगी। पात्रोपाधि संघ की ओर से ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांतीय संयुक्त सचिव आलोक शर्मा, प्रांतीय संगठन सचिव तनोज मित्रा एवं स्कूल अभिभावक संघ की ओर से वेदमति बरेठ, इंद्र कुमार धुरंधर, धनश्याम गुप्ता, चित्रेश हनोतिया उपस्थित थे।

शुरू से ही अच्छा रहा शिक्षा का स्तर, अब स्थिति बदली

स्कूल में शुरू से ही शिक्षा का स्तर अच्छा रहा है। दोनों स्कूल जिले के पुराने स्कूलों में से एक है। जिस समय जिले में निजी स्कूलों की भरमार नहीं थी। उस समय भी यह स्कूल बिजली कर्मचारियों व शहर के अन्य क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा के लिए बहुत बड़ा सहारा थी। लेकिन समय के साथ-साथ परिस्थितियों में बदलाव आया है।

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