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नक्शा विहीन मसाहती गांवों के मैनुअल रिकॉर्ड के आधार पर अब नहीं होगी जमीन की रजिस्ट्री

3 वर्ष पहले
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नक्शा विहीन मसाहती गांवों की अब जमीन रजिस्ट्री नहीं होगी। इससे पहले पटवारियों के बनाए गए मैनुअल रिकॉर्ड के आधार पर जमीन की खरीदी-बिक्री को मान्य कर लिया जाता था। मसाहती गांव के अलावा जिन गांवों में भुइंया योजना के तहत जमीन का ऑनलाइन रिकार्ड बन चुका है। वहां भी मैनुअल दस्तावेज से काम नहीं चलेगा। जमीन संबंधी संपूर्ण कागजों का ऑनलाइन रिकॉर्ड होने पर ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होगी। अब तक मैनुअल रिकॉर्ड बनवाने के लिए भू-स्वामियों को पटवारियों के चक्कर लगाने के साथ राशि खर्च करनी पड़ती थी। ऑनलाइन रिकार्ड के साथ अब पटवारियों की डिजिटल सिग्नेचर भी शामिल हैं। ऐसे में कागज को ही रजिस्ट्री के लिए मान्य किया जा रहा है। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत डिजिटल सिग्नेचर अब भी कुछ तहसीलों में शेष हैं।

मसाहती गांव की जमीन रजिस्ट्री में पाबंदी लगने पर अब जिला प्रशासन पर नक्शा प्रकाशन के लिए दबाव बनेगा। जिले में 118 गांवों का नक्शा अब तक नहीं बना है। सेटेलाइट आधारित नक्शा तैयार किए जाने के बाद भी स्थल परीक्षण कर नक्शा के भीतर की जमीन का रिकॉर्ड दुरूस्त नहीं किया गया है। ऑनलाइन दस्तावेज की अनिवार्यता किए जाने पर रजिस्ट्री आधारित आय पर असर होगा। वर्ष 2018-19 में शासन ने रजिस्ट्रार दफ्तर को 39 करोड़ का लक्ष्य दिया है। अप्रैल से अब तक 1267 दस्तावेज पंजीबद्ध कर दफ्तर ने छह करोड़ 88 लाख का आय प्राप्त कर लिया है। बीते वर्ष जुलाई के अंत तक 1385 दस्तावेज पंजीबद्ध कर विभाग ने छह करोड़ 81 लाख प्राप्त किया था। बीते वर्ष की अपेक्षा अब तक भले ही प्राप्त आय सात लाख अधिक है, किंतु आने वाले समय में नियम का असर राजस्व आय पर होगा। जिला पंजीयक अंशु अग्रवाल ने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री अब पटवारियों की ओर से बनाए गए मैनुअल रिकॉर्ड के आधार नहीं होगी।

जहां का रिकॉर्ड ऑनलाइन, वहां भी मैनुअल दस्तावेज नहीं चलेंगे, 118 गांवों का नक्शा ऑनलाइन

नक्शे में नहीं होगी छेड़छाड़

मैनुअल नक्शा में रोक लगने के बाद अब जिन मसाहती गांवों का नक्शा प्रकाशन नहीं हुआ है, वहां के भू-रिकॉर्ड में छेड़छाड़ नहीं होगी। साथ ही सीमांकन के लिए होने वाले विवाद में कमी आएगी। पटवारी के बनाए मैनुअल रिकार्ड पर जमीन खरीदी-बिक्री किए जाने के आगे के समस्या होती थी। कई बार नक्शे को ही बदल दिया जाता था।

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