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पायलट प्रोजेक्ट होगा लागू, ई-मेल से केन्द्रों को पहुंचेगा प्रश्न-पत्र

3 वर्ष पहले
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केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की मुख्य परीक्षा में पेपर लीक होने से विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे थे। जिसे बचाने के लिए अब पूरे देश के सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट लागू होगा। इस प्रोजेक्ट से होम एग्जाम ही नहीं बोर्ड एग्जाम में भी छात्रों को दिया जाने वाला प्रश्न पत्र ई-मेल से परीक्षा केन्द्रों में पहुंचेगा। जिसे छात्रों की संख्या के आधार पर केंद्राध्यक्षों को परीक्षा से ठीक पहले एक निश्चित समय में ओपन करने कोड दिया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट को लागू करने के पहले जुलाई में आयोजित कम्पार्टमेंट परीक्षा में सीबीएसई ने इसका प्रयोग किया है। अब तक सीबीएसई प्रश्न पत्र को अपनी वेबसाइट में अपलोड करता रहा है। जिसे केन्द्राध्यक्ष की उपस्थिति में डाउनलोड कर प्रिंटिंग कराकर छात्रों को बांटा जाता रहा है। इस प्रक्रिया के बाद भी बीते सत्र की बोर्ड परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक हुआ। अब पारदर्शिता लाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट में प्रश्न पत्र जहां पूरे देश के सीबीएसई स्कूलों के लिए एक समान होगा। प्रश्न पत्र अब सीबीएसई की वेबसाइट के बजाय संबंधित केंद्राध्यक्षों को जारी ई-मेल आईडी में आएगा। आईडी व उसके पासवर्ड की जानकारी संबंधित केंद्राध्यक्षों को परीक्षा से 1 घंटा पहले मिला करेगी। चालू सत्र में होने वाली 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा में इसे लागू किया जाएगा।

परीक्षा केन्द्र ऐसे स्कूलों को बनाया जाएगा जहां संसाधन होंगे

वर्तमान में निजी स्कूल वे भी सीबीएसई से संबद्ध हैं, तो वहां ऐसे पूरे संसाधन उपलब्ध रहते हैं। जिसकी आवश्यकता केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को परीक्षा के दौरान होगी। कम्प्यूटर, प्रिंटर, नेट कनेक्शन से लैस स्कूलों का सर्वे भी बोर्ड कराएगा। क्योंकि ऐसे ही स्कूलों को परीक्षा के लिए केन्द्र बनाया जाएगा। ताकि निर्धारित समय में डाउनलोड किए गए प्रश्न पत्र की स्कूल में छात्रों की संख्या के आधार पर प्रिंट कराकर बांटे जा सकें।

परीक्षार्थियों के लिए बेहतर प्लान

सेंट जेवियर्स स्कूल के उप प्राचार्य डॉ.डीके आनंद ने बताया कि सीबीएसई का यह प्लान ऐसे परीक्षार्थी जो परीक्षा के लिए पूरी ईमानदारी से तैयारी करके पहुंचते हैं। उनके लिए बेहतर होगा। परीक्षा निरस्त होने पर छात्रों की तैयारी प्रभावित होती है। दोबारा नई तिथि जारी होने पर छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा को लेकर स्वयं को असहज महसूस करते हैं। अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि उनके सामने दूसरे सेट का विकल्प उसी दिन तैयार रहेगा।

प्रश्न पत्र का बैकअप प्लान भी तैयार रहेगा

इतनी सावधानी के बाद भी अगर किसी परीक्षा केन्द्र से पेपर लीक होने की शिकायत बोर्ड को मिलती है तो परीक्षा स्थगित करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके लिए सीबीएसई बैकअप प्लान भी तैयार रखेगा। प्लान में प्रश्न पत्र का दूसरा व तीसरा सेट तैयार रहेगा। पहले उपलब्ध कराए गए प्रश्न पत्र को लीक होने पर निरस्त कर केन्द्राध्यक्ष को दूसरा सेट उपलब्ध करा दिया जाएगा। ताकि उसी दिन परीक्षा कराई जा सके, भले ही इसके लिए परीक्षा का समय बढ़ाना पड़े।

भास्कर संवाददाता| कोरबा

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की मुख्य परीक्षा में पेपर लीक होने से विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे थे। जिसे बचाने के लिए अब पूरे देश के सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट लागू होगा। इस प्रोजेक्ट से होम एग्जाम ही नहीं बोर्ड एग्जाम में भी छात्रों को दिया जाने वाला प्रश्न पत्र ई-मेल से परीक्षा केन्द्रों में पहुंचेगा। जिसे छात्रों की संख्या के आधार पर केंद्राध्यक्षों को परीक्षा से ठीक पहले एक निश्चित समय में ओपन करने कोड दिया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट को लागू करने के पहले जुलाई में आयोजित कम्पार्टमेंट परीक्षा में सीबीएसई ने इसका प्रयोग किया है। अब तक सीबीएसई प्रश्न पत्र को अपनी वेबसाइट में अपलोड करता रहा है। जिसे केन्द्राध्यक्ष की उपस्थिति में डाउनलोड कर प्रिंटिंग कराकर छात्रों को बांटा जाता रहा है। इस प्रक्रिया के बाद भी बीते सत्र की बोर्ड परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक हुआ। अब पारदर्शिता लाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट में प्रश्न पत्र जहां पूरे देश के सीबीएसई स्कूलों के लिए एक समान होगा। प्रश्न पत्र अब सीबीएसई की वेबसाइट के बजाय संबंधित केंद्राध्यक्षों को जारी ई-मेल आईडी में आएगा। आईडी व उसके पासवर्ड की जानकारी संबंधित केंद्राध्यक्षों को परीक्षा से 1 घंटा पहले मिला करेगी। चालू सत्र में होने वाली 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा में इसे लागू किया जाएगा।

संख्या के आधार पर मिलेगा समय

केंद्राध्यक्षों को ई-मेल से भेजे गए प्रश्न पत्र को डाउनलोड करने के लिए परीक्षार्थियों की संख्या के अनुसार समय मिलेगा। पूरे देश में एक साथ लागू होने वाले पायलट प्रोजेक्ट के दौरान न्यूनतम एक घंटा तो अधिकतम 2 घंटा समय केंद्राध्यक्षों को दिया जाएगा। इस समय में केंद्राध्यक्षों को उनकी जारी ई-मेल आईडी व उसे ओपन करने के लिए पासवर्ड बोर्ड से दिया जाएगा। जिन स्कूलों में परीक्षार्थियों की संख्या कम होगी उन्हें 2 तो अधिक संख्या वालों को 2 घंटा पहले बताया जाएगा।

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