आंदोलन के बाद आदिवासी बोले- सीएम की यात्रा का बहिष्कार करेंगे
सर्व आदिवासी समाज ने मंगलवार को पत्थलगड़ी आंदोलन से जुड़े समाज प्रमुखों की नि:शर्त रिहाई को लेकर जेल भरो आंदोलन किया। इसके बाद आदिवासी शक्तिपीठ में बैठक कर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के विकास यात्रा का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। इसका स्वरूप क्या होगा इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है।
समाज के अध्यक्ष सीआर राज ने कहा है कि प्रदेश स्तर पर विकास यात्रा का समाज विरोध कर रहा है। पत्थलगड़ी संवैधानिक आंदोलन है। जिसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है। आदिवासी समाज के आंदोलन को देखते हुए पुलिस व प्रशासन सुबह से ही सक्रिय हो गया था। आंदोलन में शामिल होने दोपहर तक लोग पहुंचते रहे। लेकिन पुलिस बल घंटाघर ओपन थिएटर के पास ही इंतजार करता रहा था। दोपहर 2.30 बजे आदिवासी समाज के लोग नारेबाजी करते हुए रैली के साथ निकले। घंटाघर पहुंचने के बाद पुलिस फोर्स रैली के साथ हो गई। समाज के लोग राजनांदगांव व जशपुर में गिरफ्तार समाज प्रमुखों की नि:शर्त रिहाई की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। साथ ही पांचवीं अनुसूची का पालन करने नारा लगाए। रैली जैसे ही सुभाष चौक में पहुंची पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अस्थायी जेल पुष्पलता गार्डन ले जाया गया। जहां नायब तहसीलदार करूणा आहेर ने गिरफ्तारी की घोषणा की। गिरफ्तार होने के बाद भी समाज के लोग एकसाथ बैठकर नारेबाजी करते रहे। प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी को रिहा कर दिया गया। इसके बाद समाज प्रमुखों की बैठक हुई जिसमें विकास यात्रा का बहिष्कार करते हुए विरोध करने का निर्णय लिया गया। आंदोलन में समाज के अध्यक्ष सीआर राज, गोंडवाना समाज के सभापति सेवक राम मरावी, कंवर समाज के छत्रपाल सिंह कंवर, शंभू शक्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह ध्रुव, रमेश सिरका, कमला बाई कंवर, खेलन काेरचे, रामायण कंवर, शामिल थे।
जिले में कल और 19 को पहुंचेगी विकास-यात्रा
घंटाघर से पुलिस ने लोगों को घेर लिए पुलिसकर्मी।
गांव-गांव में 21 को लगाएंगे पत्थर, इबारत अंकित करेंगे
सर्व आदिवासी समाज ने यह भी निर्णय लिया है कि 21 मई को पारंपरिक ग्राम सभा आयोजित कर प्रस्ताव पारित किया जाएगा। जिसमें सभी गांवों में पत्थलगड़ी कार्यक्रम आयोजित कर संलग्न इबारत को पत्थर में अंकित करेंगे। जिसे लेकर पूरे प्रदेश में बवाल मचा हुआ है।
भास्कर संवाददाता| कोरबा
सर्व आदिवासी समाज ने मंगलवार को पत्थलगड़ी आंदोलन से जुड़े समाज प्रमुखों की नि:शर्त रिहाई को लेकर जेल भरो आंदोलन किया। इसके बाद आदिवासी शक्तिपीठ में बैठक कर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के विकास यात्रा का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। इसका स्वरूप क्या होगा इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है।
समाज के अध्यक्ष सीआर राज ने कहा है कि प्रदेश स्तर पर विकास यात्रा का समाज विरोध कर रहा है। पत्थलगड़ी संवैधानिक आंदोलन है। जिसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है। आदिवासी समाज के आंदोलन को देखते हुए पुलिस व प्रशासन सुबह से ही सक्रिय हो गया था। आंदोलन में शामिल होने दोपहर तक लोग पहुंचते रहे। लेकिन पुलिस बल घंटाघर ओपन थिएटर के पास ही इंतजार करता रहा था। दोपहर 2.30 बजे आदिवासी समाज के लोग नारेबाजी करते हुए रैली के साथ निकले। घंटाघर पहुंचने के बाद पुलिस फोर्स रैली के साथ हो गई। समाज के लोग राजनांदगांव व जशपुर में गिरफ्तार समाज प्रमुखों की नि:शर्त रिहाई की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। साथ ही पांचवीं अनुसूची का पालन करने नारा लगाए। रैली जैसे ही सुभाष चौक में पहुंची पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अस्थायी जेल पुष्पलता गार्डन ले जाया गया। जहां नायब तहसीलदार करूणा आहेर ने गिरफ्तारी की घोषणा की। गिरफ्तार होने के बाद भी समाज के लोग एकसाथ बैठकर नारेबाजी करते रहे। प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी को रिहा कर दिया गया। इसके बाद समाज प्रमुखों की बैठक हुई जिसमें विकास यात्रा का बहिष्कार करते हुए विरोध करने का निर्णय लिया गया। आंदोलन में समाज के अध्यक्ष सीआर राज, गोंडवाना समाज के सभापति सेवक राम मरावी, कंवर समाज के छत्रपाल सिंह कंवर, शंभू शक्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह ध्रुव, रमेश सिरका, कमला बाई कंवर, खेलन काेरचे, रामायण कंवर, शामिल थे।
पुलिस ने बताया 118 गिरफ्तार, समाज ने 150
जेल भरो आंदोलन में पुलिस ने 118 लोगों की गिरफ्तारी होना बताया है। पुलिस का कहना है कि सर्व आदिवासी समाज के लोग उग्र प्रदर्शन कर नारेबाजी कर रहे थे। विधिवत कानून के अनुसार कार्रवाई की गई है। समाज का कहना है कि जेल भरो आंदोलन में 150 लोगों ने गिरफ्तारी दी है। जिसमें समाज की महिलाएं भी शामिल हैं।
पुलिस अफसर तैनात रहे थाना प्रभारी भी बुलाए गए
आंदोलन को देखते हुए जिले भर से पुलिस अधिकारियों के साथ थाना प्रभारियों को बुला लिया गया था। एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर, डीएसपी हेड क्वार्टर रितेश श्रीवास्तव, सीएसपी दर्री पुष्प्रेंद सिंह बघेल, एसडीओपी संदीप मित्तल, प्रशिक्षु डीएसपी शेर बहादुर सिंह, सिटी कोतवाली टीआई यदुमणि सिदार, एमबी पटेल, पाली जर रखे हुए थे।