भास्कर संवाददाता| पाली/कोरबा
पाली थाना अंतर्गत सैला गांव में रहने वाला लक्ष्मी गोड़ (42) पेशे से ट्रक चालक है। उसने पहली प|ी प्रेमा बाई के रहते हुए 3 साल पहले पाली रोड पर गाजर नाला के पास होटल चलाने वाली टिकैतीन बाई को चुड़ियाही (दूसरी) प|ी बनाया था। इस बात पर पहली प|ी से उसका आए दिन विवाद होता था। 10 माह पूर्व उसकी पहली प|ी संदिग्ध परिस्थितियों में झुलस गई थी। अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। मृत्युपूर्व बयान में उसने पति पर मिट्टी तेल छिड़ककर हत्या का उल्लेख किया था। इसलिए लक्ष्मी गोड़ को पुलिस ने मर्डर के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दूसरी प|ी टिकैतीन बाई ने अपनी कमाई समेत कर्ज में रुपए जुटाकर लक्ष्मी के जमानत की कोशिश की। 1 माह पहले जमानत पर लक्ष्मी छूटा। जिसके बाद वह ट्रेलर चलाने लगा। रविवार की रात 8 बजे वह ट्रेलर लेकर टिकैतीन बाई के होटल के पीछे स्थित मकान में पहुंचा। जहां खाना खाते समय टिकैतीन बाई ने जमानत कराने लिए गए कर्ज को चुकाने 25 हजार रुपए मांगी। इसी बात पर उनके बीच विवाद हुआ। बाद में लक्ष्मी ने फिर से शराब पी। घर में टिकैतीन के अलावा उसकी मां चैती बाई (80), मौसी रामकुमारी व उसके तीन बच्चे किशन(13), रघुवीर (7) व बेटी दुर्गा (10) सो रहे थे। देर रात करीब 12.30 बजे लक्ष्मी ट्रेलर से एक्सल रॉड निकालकर परछी में पहुंचा। जहां सो रही प|ी टिकैतीन के सिर पर हमला किया। नींद से उठी नानी सास पर भी उसने उसी हथियार से हमला किया। फिर अंदर कमरे में जाकर वहां सो रही मौसी सास रामकुमारी के सिर पर भी हमला किया। मौके पर ही टिकैतीन व रामकुमारी की मौत हो गई। वहीं नानी सास चैती बाई गंभीर हो गई थी जिसकी देर शाम अस्पताल में मौत हो गई। वारदात के बाद लक्ष्मी वहां पर गाड़ी छोड़कर फरार हो गया।
पहली प|ी के मर्डर के मामले में गया था जेल, तीन बच्चे घर में सोए थे
घटनास्थल के सामने वैधानिक कार्रवाई करती पुलिस व ग्रामीण।
सिर में चोट लगने से वृद्धा गई कोमा में, स्थिति नाजुक
वृद्धा चैती बाई सिर पर चोट लगने से उसकी हालत गंभीर हो गई। सुबह घटना की जानकारी होने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे पाली अस्पताल भिजवाया था। जहां से गंभीर स्थिति देख उसे पाली के ही एक निजी अस्पताल में रेफर कराया गया। जहां उसका उपचार जारी है। डॉक्टर के मुताबिक वृद्धा कोमा में चली गई है।
बच्चे ने देखी वारदात, बड़े भाई को उठाकर बताया: मृतका रामकुमारी के छोटे पुत्र रघुवीर की घटना के दौरान नींद खुल गई थी। उसने पूरे वारदात को होते देखा। आरोपी लक्ष्मी के वहां से फरार होने के बाद उसने रात 1 बजे बड़े भाई किशन को जगाया। उसे घटना की जानकारी दी। दोनों बच्चे डर से बिस्तर पर ही दुबके रहे। सुबह 5 बजे जब बाहर उजाला दिखा तो किशन ने छोटे भाई रघुवीर को दरवाजा अंदर से बंद रखने को कहकर डेढ़ किलोमीटर दूर डूमरकछार में मामा के घर जानकारी देने गया।
टिकैतीन का साथ दिया इसलिए अन्य पर भी हमला
किशन ने पुलिस को जो बयान दिया उसके अनुसार लक्ष्मी के घर आने पर टिकैतीन ने जमानत के लिए खर्च हुए व कर्ज में लिए रकम की मांग की। साथ ही ट्रक चलाने के बाद भी खर्चा-पानी नहीं देने की बात कहते हुए झगड़ा की थी। इस दौरान मौसी रामकुमारी व सास चैती बाई ने टिकैतीन का साथ देते हुए उसे पैसे देने को कहा था।
पुलिस को बयान देता किशन।
पैसे के लिए हुआ झगड़ा रात में उठकर मारा
रात में लक्ष्मी गाड़ी लेकर पहुंचा था। घर में दीदी टिकैतीन बाई ने पैसा मांगते हुए उससे झगड़ा किया। वह पहले चुपचाप था लेकिन बाद में गुस्सा हो गया। फिर खाना खाकर सभी लोग सोने लगे। लक्ष्मी भी परछी में सो रहा था। देर रात वह उठकर गाड़ी से बड़ा हथियार लेकर आया। जिसमें टिकैतीन को मारा। फिर मेरी मां रामकुमारी को मारा। जाते समय नींद से उठी नानी चैती बाई को भी मारा। देर रात दीदी व मां मर चुके थे। नानी चैती बाई जिंदा थी।
लेनदेन के चलते हत्या कर आरोपी फरार
पाली थाना प्रभारी मानसिंह राठिया ने बताया कि मुख्य सड़क के किनारे मादन गांव स्थित ढाबा सह मकान में दो महिलाओं की हत्या हुई है। पैसे की लेनदेन की वजह से हत्या की वारदात हुई है। ढाबा संचालिक टिकैतीन बाई के पति लक्ष्मी ने दोहरा हत्या किया है। एक वृद्धा पर भी हमला हुआ है जिसकी स्थिति नाजूक है। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया है। उसकी खोजबीन की जा रही है।