कोरबा। भारतीय जनता पार्टी झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मनोज पराशर ने कहा है कि नगर निगम के ऑडिटोरियम का काम उनकी ठेका कंपनी ने लिया था। वे उसका काम अधर में छोड़कर भागे नहीं वरन नगर निगम ही काम अटकाता रहा। 3 साल तक चक्कर काटने के बाद भी हमें पुरानी दर पर ही काम करने कहा गया इस हालत में काम करना संभव नहीं था।
पराशर गुरुवार की दोपहर तिलक भवन में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। ऑडिटोरियम विवाद 3 दिन पहले तब खड़ा हुआ जब कांग्रेस ने वहां अपना कोरबा विधानसभा क्षेत्र संकल्प शिविर ऑडिटोरियम में करा लिया। आडिटोरियम का मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के 20 मई के प्रस्तावित कोरबा प्रवास पर इसका विधिवत लोकार्पण होना था। मनोज पराशर ने इसका अन्य भाजपा नेताओं के साथ विरोध किया और इसकी शिकायत प्रशासन से की। अगले ही दिन कांग्रेस के नेताओं ने इसका जवाब देते हुए ऑडिटोरियम का निर्माण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। भाजपा नेता ने कहा है कि कांग्रेस के जिन पार्षदों ने उन पर आरोप लगाया है उन्हें सही जानकारी नहीं है। उन्होंने विधायक व महापौर पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। निगम से बिना अनुमति लिए ऑडिटोरियम में बलात प्रवेश कर संकल्प शिविर आयोजित करना कानूनन गलत है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित थे।