ग्राम पंचायत रजगामार में की जा रही गड़बड़ी को लेकर उप सरपंच पूनम चौरसिया तीन दिनों से आमरण अनशन पर थी। उनका आरोप था कि सरपंच बृज कुंवर राठिया व सचिव नीतू गुप्ता पंचायत कार्यों में 50 से 60 लाख की गड़बड़ी पर शासकीय राशि का दुरुपयोग कर रही हंै। तीसरे दिन तहसीलदार टीआर भारद्वाज, भैंसमा नायब तहसीलदार करूणा आहेर, खंड चिकित्सा अधिकारी दीपक राज आमरण स्थल पहुंचे। तहसीलदार ने गड़बड़ी की 15 दिनों के भीतर जांच कराने का आश्वासन देकर अनशन तुड़वाया।
ग्रामीणों ने मांग रखी कि जब तक जांच हो रही है तब तक सचिव को निलंबित किया जाए ताकि जांच प्रभावित न हो। तहसीलदार ने कहा कि शीघ्र ही जांच टीम गठित की जाएगी। जिसमें पीएचई, आरईएस व अन्य विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे। नायब तहसीलदार करूणा आहेर ने उप सरपंच पूनम को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस मौके पर पुष्पा मरावी, राधा बाई केंवट, ममता मिश्रा, अमरिका, गीता, सुनीता पटेल, जमुना देवी, कुशीबाई चौहान, सरस्वती, गोपाल साहू, रामकुमार, प्रेम साहू, गोिवंद उइके, कौशल चौरसिया, चंद्रप्रकाश अग्रवाल, विरेन्द्र अग्रवाल समेत ग्रामीण उपस्थित थे।
ग्रामीण बोले-उप सरपंच को कुछ हो जाता तो जिम्मेदार कौन होता
ग्रामीणों ने आमरण अनशन के तीसरे दिन प्रशासन की पहल पर कहा कि अगर उप सरपंच को कुछ हो जाता तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होता। प्रशासन के पास इतना भी समय नहीं है कि अनशन समाप्त होने के बाद तहसीलदार ने पंचायत के कार्यों का निरीक्षण भी किया। उप सरपंच ने बताया कि गड़बड़ी की 6 बार पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा था।