पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • मौसम बदलने से बिजली की डिमांड बढ़ी, अभी राहत

मौसम बदलने से बिजली की डिमांड बढ़ी, अभी राहत

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मौसम में बदलाव के बीच बिजली की डिमांड में कमी व बढ़ोत्तरी जारी है। पिकलोड आवर में बिजली की मांग 3600 मेगावाट तक पहंुच रही है। हालांकि जनरेशन कंपनी के सभी बिजली प्लांटों से उत्पादन होने के कारण कंपनी पर दबाव नहीं है। पिकलोड आवर में अभी मांग से 200 मेगावाट तक ज्यादा बिजली की उपलब्धता है। जिसके चलते राहत बनी हुई है।

राज्य पावर जनरेशन कंपनी के जिले में स्थित बिजली प्लांटों की बात करंे तो 440 मेगावाट क्षमता के कोरबा पूर्व प्लांट में 50-50 मेगावाट की दो यूनिट को छोड़ अन्य सभी इकाईयों से बिजली बन रही है। बंद इकाईयों से फिर उत्पादन की संभावना नहीं है। पिछले 8 माह से यहां 4 यूनिट ही उत्पादन में है। चालू सभी चार इकाई से बिजली बन रही है। इसी तरह एचटीपीपी 1340 मेगावाट प्लांट में 1160 मेगावाट बिजली बन रही है। 210-210 मेगावाट की दो अन्य यूनिट से भी बिजली उत्पादन किया जा रहा है। डीएसपीएम प्लांट की दोनो इकाई उत्पादन में है। 500 मेगावाट प्लांट में 469 मेगावाट बिजली बन रही है। कोल स्टॉक में भी सुधार के चलते प्रबंधन की परेशानी कम हुई है। लेकिन आगे डिमांड बढ़ने से परेशानी फिर बढ़ सकती है।

बिजली की मांग 3600 मेगावाट तक पहंुंच रही, 200 मेगावाट ज्यादा उपलब्ध, कोल स्टॉक में भी सुधार
कम लोड पर चल रही कुछ इकाईयां
मार्च में गर्मी की शुरुवात से बिजली की मांग 3500 मेगावाट से ऊपर पहुंचने लगी थी। इससे लग रहा था कि अप्रैल तक डिमांड बढ़कर 4 हजार मेगावाट से ज्यादा पहुंच जाएगा। लेकिन अचानक मौसम में आए बदलाव के बीच अंधड़ व बारिश के कारण तापमान ज्यादा गर्मी वाला नहीं रहा। जिसके कारण बिजली की मांग में कमी आई है। शुक्रवार को पिक लोड आवर में बिजली की डिमांड 3600 मेगावाट तक थी। एचटीपीपी में कुछ इकाईयां कम लोड पर चल रही है।

एचटीपीपी 500 मेगावाट व मड़वा से फूललोड प्रोडक्शन
पिछले वित्तीय वर्ष में बिजली उत्पादन में कीर्तिमान बनाने वाली एचटीपीपी 500 मेगावाट प्लांट से बिजली उत्पादन फूल लोड पर हो रही है। प्लांट में 490 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है। इसी तरह 1000 मेगावाट के मड़वा प्लांट में दोनो इकाई भी फूललोड पर हैं। यहां प्लांट में 955 मेगावाट बिजली उत्पादन पिकलोड आवर में किया जा रहा है। इन प्लांटों से उम्मीद अनुसार बिजली उत्पादन होने से राहत की स्थिति है। बांगो हाइडल प्लांट में भी दो इकाई से बिजली बन रही है।

कंपनी के प्लांटों में कोल स्टॉक की स्थिति
प्लंाट उपलब्ध स्टॉक िदन

कोरबा पूर्व 23 हजार टन 5

एचटीपीपी 107 हजार टन 6

डीएसपीएम 129 हजार टन 18

मड़वा प्लांट 237 हजार टन 18

खबरें और भी हैं...