सिटी बस में छात्रा को छेड़ने वाले कंडक्टर को तीन साल की सजा
कुसमुंडा से रोज पढ़ने के लिए सिटी बस में ट्रांसपोर्टनगर आने वाली एक किशोरी 11 माह पहले 25 मई की दोपहर 1 बजे तब छेड़छाड़ व मारपीट का शिकार हो गई थी। जब सिटी बस में ट्रांसपोर्टनगर बस स्टैंड पहुंचने पर वह उतर रही थी।
बस के कंडेक्टर सिंचाई कालाेनी दर्री निवासी गौरव मिश्रा (30) ने उसका हाथ-बांह पकड़कर उसका मोबाइल छिन लिया था। किशोरी ने वापस मोबाइल लिया तो गौरव ने गाली-गलौच करते हुए उसे 2-3 थप्पड़ मार दिया था। घटना के बाद किशोरी ने परिजनों के साथ कोतवाली पहुंचकर गौरव के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी। पुलिस ने छेड़छाड़, गाली-गलौच व मारपीट समेत पाक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज करके उसे गिरफ्तार किया था।
मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहा था। जहां सुनवाई में आरोपी गौरव के खिलाफ दोष सिद्ध हो गया। जिसके आधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट (विशेष कोर्ट) के अपर सत्र न्यायाधीश हिमांशु जैन ने फैसला सुनाया। उन्होंने पाक्सो एक्ट में 3 साल सश्रम कारावास व 500 रुपए अर्थदंड के अलावा धारा 323 भादवि में 1 माह व 500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।