बारिश होते ही सीएम छाता लगाकर सभा स्थल तक पहुंचे। तेज हवा और बारिश होते ही सड़कों पर बने स्वागत द्वार धराशाई हो गए। सभा स्थल पर लोगों के लिए लगाया गया टैंट भी धराशाई हो गया।
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विकास यात्रा के द्वितीय चरण में खडगवां में आयोजित आमसभा के दौरान हुई बारिश ने कार्यक्रम में खलल दाल दिया। इस दौरान बारिश से बचने के लिए लोग कुर्सियों को सिर पर रखकर बारिश से बचने की जुगत करते रहे। सभा स्थल में पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री को बारिश रुकने की प्रतीक्षा करनी पड़ी। वहीं तेज हवा के कारण खडगवां से लेकर चिरमिरी तक बनाए गए सभी विशालकाय स्वागत द्वार धराशाई हो गए। काफी मशक्कत के बाद इन स्वागत द्वारों को सड़क से हटाया गया। इस दौरान काफी देर तक सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री डाॅ.रमन सिंह कोरिया दौरे पर थे। आयोजन की शुरूआत खडगवां के जनपद मैदान में स्वागत सभा से होना था। लगभग 1 घंटे विलंब से पहुचे मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर जैसे ही हेलीपैड पहुॅचा वैसे ही अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। मुख्यमंत्री विकास रथ पर बैठकर सभा स्थल पर पहुॅचे। लेकिन तब तक कार्यक्रम स्थल का नजारा पूरी तरह बदल चुका था। बारिश के चलते लोग जिन कुर्सियों पर बैठे थे, वही कुर्सियों को अपने सिर पर रखकर बारिश से बचने का प्रयास करते रहे। इस दौरान पूरा पंडाल पट चुका था वहीं तेज हवाओं के कारण पंडाल गिरने का भी अंदेशा बना हुआ था।
मुख्यमंत्री की सभा स्थल के लिए जिस प्रकार लापरवाही बरती गई बारिश और तेज हवाओं ने उसकी पूरी पोल खोलकर रख दी। प्रशासन को मालूम था कि काफी संख्या में लोग मुख्यमंत्री को सुनने के लिए पहुंचे। लेकिन उसके बावजूद व्यवस्थित पंडाल नहीं बनाया गया और न ही वहां तिरपाल लगाया गया। जिससे ग्रामीण व वनांचल क्षेत्रों से आए लोगों महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ी। लोग काफी देर तक आयोजन स्थल पर घूमते रहे और आयोजक मंच से इंद्र देव से बारिश बंद करने की गुहार लगाते रहे। मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए सड़कों पर मनमाने तरीके से विशालकाय स्वागत द्वार बनाए गए थे। जिसमें कहीं भी सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया था। जो तेज हवा और बारिश से उड़ गए।
सभा स्थल में सुरक्षा में भारी लापरवाही
आंधी बारिश के पहले कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जाॅच हो रही थी। लेकिन बारिश के बाद मची भगदड के दौरान कोई भी सुरक्षाकर्मी मौके पर नहीं दिखा जिसको जहां बना उसने वहीं शरण ली। ऐसे में सवाल यह उठता है कि मुख्यमंत्री की सभा में इतनी बडी चूक आखिर कैसे हुई। न केवल खडगवां के जनपद मैदान में आयोजित सभा स्थल में लापरवाही बरती गई वरन अखराडांड, दुबछोला में बनाए गए कार्यक्रम स्थल में भी इससे भी भयावह नजारा रहा। यहां दोनों जगहों पर बनाए गए पंडाल जमीन पर आ गिरे। चारों तरफ टूटी फूटी कुर्सियां बिखरी पडी थी। लोग सडकों के किनारे भीगते खडे रहे।