पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • अन्नपूर्णा दाल भात योजना 3 माह से ठप, अफसर नहीं ले रहे सुध, जरूरतमंदों को नहीं मिल रहा खाना

अन्नपूर्णा दाल-भात योजना 3 माह से ठप, अफसर नहीं ले रहे सुध, जरूरतमंदों को नहीं मिल रहा खाना

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता|बैकुण्ठपुर

प्रदेश सरकार ने आम लोगों को 5 रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बड़े तामझाम के साथ दाल-भात केन्द्रों का शुभारंभ कराया था। शुरुआती दिनों में तो इन केन्द्रांे से जरूरतमंद लोगों को भरपेट भोजन मिल जाता था, लेकिन पिछले तीन महीनों से कोरिया जिले में यह योजना दम तोड़ चुकी है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि सरकार के दावे जिनमें कहा गया था कि प्रदेश में कोई भूखा नहीं रहेगा। ऐसे में अब उन लोगों को कहां से सस्ता भोजन मिलता होगा जो अन्नपूर्णा दाल-भात केन्द्रों में जाकर 5 रुपए में भर पेट भोजन करते थे उन लोगों की अब जिम्मेदारों को फिक्र नहीं है। अालम यह है कि अब जिला मुख्यालय समेत सभी विकासखंडों में गरीबों को सस्ते दर पर भरपेट भोजन नहीं मिल पा रहा। गौरतलब हो कि प्रदेश सरकार की योजना जिसमें लोगों को पांच रुपए में चावल-दाल उपलब्ध कराने के लिए अन्नपूर्णा दाल-भात केंद्र की शुरुआत यह सोच कर की गई थी कि अब कोई भूखा नहीं सोएगा और न ही सूबे में भूख से किसी की मौत होगी। लेकिन योजना चंद दिनों में ही पटरी से उतर गई है, ऐसे में जिन लोगों के पास बेहतर रोजी का जरिया नहीं था खाली पेट सोते हैं।

अब जिला अस्पताल में भी नहीं मिल पा रहा लोगों को योजना का लाभ

दाल-भात केंद्र में पड़ा ताला। अस्पताल में बैठे लोग

सस्ते दर में मिलता था राशन

सरकार की इस योजना का लाभ सभी वर्ग के लोगों को मिलता था यही वजह है कि जिला मुख्यालय समेत अन्य शहरों में अनेकों दाल-भात केन्द्र खोले गए थे, ताकि गरीब परिवारों को एवं जरूरतमंद को इसका भरपूर लाभ मिल सके। संचालकों को एक रुपए किलो के हिसाब से चावल उपलब्ध कराती थी। सोयाबीन और चना भी सब्जी के लिए दिया जाता था। यहां पहुंचकर भोजन करते थे लेकिन इस योजना के ठप होने से सामने पेट भरने का संकट खडा हो गया है।

जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

ग्रामीणों ने बताया कि सीधे गरीबों से जुड़ी इस योजना के सुचारू संचालन के लिए जनप्रतिनिधि व अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे पूरे जिले में योजना ठप हो चुकी है और जिन लोगों के लिए यह योजना शुरू की गई थी उन जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ उन यात्रियों को होता था जो बडे और मंहगे होटलों में जाकर भोजन नहीं कर पाते थे वे इन केन्द्रों में 5 रुपए में भरपेट भोजन करते थे।

अस्पताल में बना केंद्र भी ठप

जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल में संचालित दालभात केन्द्र भी कई महीनों से बंद पड़ा है। लोगों की मांग पर इस केन्द्र को चालू किया गया था, लेकिन अब इस केन्द्र के बंद हो जाने से दूरदराज से आने वाले मरीजों व उनके परिजनों को होटलों से खाना खरीदकर अपनी जेब ढ़ीली करनी पड़ रही है। जिन मरीजों के परिजन होटल नहीं जा सकते वे अस्पताल परिसर में ही भोजन बनाकर अपनी भूख मिटाते हैं।

केंद्रों में लगे हैं ताले, कारण नहीं बता रहे िजम्मेदार

योजना को जंग लगने के कारण ही शायद इन केंद्रों के दरवाजे लगभग डेढ़ महीने से नहीं खुल सके है और यह योजना अब पूरी तरह से जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में बंद है। प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों के लोगों को सस्ते मूल्य पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए अन्नपूर्णा दाल-भात केंद्र की शुरुआत की। दाल की कीमत पर देश भर में मचे बवाल के बीच पूर्व में जिले से एक अच्छी खबर सामने आई थी कि अगर आपकी जेब में पांच रुपए हैं, तो यहां भरपेट दाल-भात खा सकते हैं. आलू-सोयाबीन या चने की सब्जी बोनस में, लेकिन इस योजना के प्रारंभ हुए कुछ दिनों बाद से ही इस योजना को जंग लग गई। इस योजना की शुरुआत पूर्व में कराई गई थी जिसके तहत तहत गरीबों को 5 में भरपेट भोजन कराया जाता था।

जल्द चालू होगा केंद्र

डाॅ. सुनील गुप्ता, सीएस जिला चिकित्सालय ने बताया कि अभी दालभात केन्द्र का संचालन कैंटीन से किया जा रहा है कुछ दिनों में पूर्ववत व्यवस्था बना ली जाएगी। इसके बाद पुनः दालभात केन्द्र चालू हो जाएगा।

खबरें और भी हैं...